फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Samajwadi Party workers saddened as they cant meet Akhilesh Yadav in program

अखिलेश तक न पहुंच पाने से मायूस हुए कार्यकर्ता, बोले- ये मुलायम वाली नहीं, नई ट्विटर वाली सपा है...

Thu, 04 Mar 2021 02:43 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी Published by: प्राची प्रियम Updated Thu, 04 Mar 2021 02:43 PM IST
विज्ञापन
Samajwadi Party workers saddened as they cant meet Akhilesh Yadav in program
समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के ओरछा में चल रहे सपा के कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में झांसी मंडल के दूर-दराज के इलाकों समेत मप्र के भी कई जगहों से कार्यकर्ता हिस्सा लेने पहुंचे। लखनऊ तक न पहुंच पाने वाले कार्यकर्ता यहां अखिलेश को देखना, उनसे मिलना चाहते थे लेकिन, यहां भी अखिलेश ज्यादातर समय ‘लखनवी’ नेताओं से ही घिरे नजर आए। 
विज्ञापन


उन तक न पहुंच पाने से कार्यकर्ता मायूस नजर आए। कई पुराने कार्यकर्ताओं के मुंह से यह कहते हुए दर्द भी फूट पड़ा कि अब यह मुलायम वाली नहीं, बल्कि नई सपा हो गई, जिसे अब कार्यकर्ताओं से ज्यादा ट्विटर की चिड़िया भाती है।
विज्ञापन


मप्र, टीकमगढ़ से राजेश कौसनिया अपने भाई के संग शीशे के खूबसूरत बॉक्स में साइकिल की प्रतिकृति लेकर पहुंचे थे। दोनों भाई इसे अपने हाथ से सपा सुप्रीमो को देना चाहते थे। बैठने की सीट नहीं मिली तब काफी देर तक पीछे खड़े रहे। अखिलेश के पहुंचने पर किसी तरह आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन, सभागार में व्यवस्था दुरुस्त रखने के नाम पर तैनात पहलवानों ने उनको बेदर्दी से पीछे ठेल दिया। आखिरकार मायूस दोनों भाई ‘साइकिल’ लेकर वापस लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, करीब आधे घंटे ठहरने के बाद अखिलेश सभास्थल से निकलकर ओरछा पैलेस पहुंचे। उनके भीतर घुसते ही होटल के विशालकाय गेट बंद हो गए। कार्यकर्ताओं को यहां बाहर खड़े होने की भी इजाजत नहीं दी गई। सभी वहां से खदेड़ दिए गए। विधायक और कार्यक्रम संयोजक रामवृक्ष यादव, एमएलसी मान सिंह भी भीतर जाने के लिए आधे घंटे तक चिरौरी करते रहे। 

विधायकों का नाम सुनने के बावजूद सुरक्षाकर्मी नहीं पसीजे। समर्थकों के काफी देर तक मानमनौव्वल करने पर दोनों विधायक किसी तरह भीतर जा पाए हालांकि इसी बीच एक चर्चित नेता पुत्र भी पहुंच गए लेकिन, कार्यकर्ताओं के बीच से रास्ता बनाते हुए उनको भीतर इंट्री दे दी गई। कार्यकर्ताओं का दल प्रयागराज से भी पहुंचा था।

पूरा दृश्य देख पास में खड़े वरिष्ठ कार्यकर्ता शिवमूरत के मुंह से बरबस निकल पड़ा कि अब यह मुलायम वाली सपा नहीं, जिसमें मुलायम किसी कार्यकर्ता को कभी मायूस नहीं लौटाते थे। वे याद करते हुए बताते हैं वर्ष 2006-2007 में मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री थे। इलाहाबाद के परेड ग्राउंड में बेरोजगारी भत्ता बांटने के सरकारी कार्यक्रम में आए थे लेकिन, प्रशासन ने बल्लियां लगाकर कार्यकर्ताओं को काफी दूर बैठाया था। 


हेलिपैड से उतरकर मुलायम सीधे उसी ब्लॉक के करीब गए। उम्रदराज होने के बावजूद बल्लियां लांघकर कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गए। उस वाकये को याद करते हुए कहते हैं अब नेताओं में बल्लियां लांघने का हौसला नहीं रह गया। अब नेता लोहे के दरवाजे के पीछे बैठकर ट्विटर चलाते हैं हालांकि इसके बावजूद अखिलेश से मिलने की ख्वाहिश में कई घंटे तक कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम वहां जमा रहा।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed