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एसआईटी की जांच में चिह्नित तीन शिक्षकों के रोके वेतन
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- फोटो : note
ललितपुर। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत फर्जी शिक्षकों पर विभागीय शिकंजा कसता जा रहा है। जहां पांच शिक्षकों पर लंबे समय से गायब रहने के मामले में सेवा समाप्ति की कार्रवाई अंतिम चरण में है, वहीं बीएसए ने एसआईटी की जांच में चिह्नित तीन शिक्षकों का वेतन रोक दिया है।
फर्जी शिक्षकों की धरपकड़ के लिए जांच चल रही है। इसमें जिलास्तरीय कमेेटी व स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को लगाया है। मानव संपदा पोर्टल पर चल रही फीडिंग में नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला वर्ष 2004-05 के बीएड अंक पत्रों को लेकर हुआ है। इसमें डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के बीएड में अंकों पर संदेह जताया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने एसआईटी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर ब्लाक बार अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय भावनी के एक शिक्षक, ब्लाक मड़ावरा के प्राथमिक विद्यालय बिजरौठा के एक शिक्षक व ब्लाक जखौरा के प्राथमिक विद्यालय भडरयाना के एक शिक्षक का वेतन रोक दिया है। उन्होंने खड शिक्षा अधिकारी जखौरा, मड़ावरा व बार को निर्देशित किया है कि उपरोक्त शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इनका अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरित नहीं किया जाए।
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उधर, लंबे समय से गायब चल रहे पांच शिक्षकों के खिलाफ लंबे समय कार्रवाई अटकी हुई है। तत्कालीन बीएसए ने चिह्नित शिक्षकों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए समाचार पत्रों में विज्ञापन का प्रकाशन कराया था, लेकिन सेवा समाप्ति की कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। अब मौजूदा बीएसए रामप्रवेश ने इस कार्रवाई को आगे बढ़ाया है।
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चिह्नित शिक्षकों ने अफसरों को दिखाए मूल अभिलेख
मानव संपदा पोर्टल पर की गई फीडिंग के दौरान शिक्षा निदेशालय ने तीन शिक्षकों के बीएड अंक पत्रों पर संदेह जताया था। इस पर बीएसए ने चिह्नित तीन शिक्षकों को नोटिस निर्गत था और उन्हें आठ जुलाई को मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इनमें विकासखंड जखौरा के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय सीरोनखुर्द की एक शिक्षिका, ब्लाक मड़ावरा अंतर्गत नवीन उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वार का एक शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय तालपुरा धबा का एक शिक्षक शामिल था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने बताया कि चिह्नित शिक्षकों ने मूल अभिलेखों की जांच कराई जा रही है।
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लंबे समय से गायब शिक्षकों की सेवा समाप्त करने से पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करते हुए उन्हें अभिलेख सहित बुलाया जाएगा। इसके उपरांत कार्रवाई कर दी जाएगी।
- रामप्रवेश, बीएसए।
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फर्जी शिक्षकों की धरपकड़ के लिए जांच चल रही है। इसमें जिलास्तरीय कमेेटी व स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को लगाया है। मानव संपदा पोर्टल पर चल रही फीडिंग में नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला वर्ष 2004-05 के बीएड अंक पत्रों को लेकर हुआ है। इसमें डा. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा व संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के बीएड में अंकों पर संदेह जताया गया है।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने एसआईटी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची के आधार पर ब्लाक बार अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय भावनी के एक शिक्षक, ब्लाक मड़ावरा के प्राथमिक विद्यालय बिजरौठा के एक शिक्षक व ब्लाक जखौरा के प्राथमिक विद्यालय भडरयाना के एक शिक्षक का वेतन रोक दिया है। उन्होंने खड शिक्षा अधिकारी जखौरा, मड़ावरा व बार को निर्देशित किया है कि उपरोक्त शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है। इनका अग्रिम आदेशों तक वेतन आहरित नहीं किया जाए।
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उधर, लंबे समय से गायब चल रहे पांच शिक्षकों के खिलाफ लंबे समय कार्रवाई अटकी हुई है। तत्कालीन बीएसए ने चिह्नित शिक्षकों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए समाचार पत्रों में विज्ञापन का प्रकाशन कराया था, लेकिन सेवा समाप्ति की कार्रवाई अमल में नहीं लाई जा सकी। अब मौजूदा बीएसए रामप्रवेश ने इस कार्रवाई को आगे बढ़ाया है।
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चिह्नित शिक्षकों ने अफसरों को दिखाए मूल अभिलेख
मानव संपदा पोर्टल पर की गई फीडिंग के दौरान शिक्षा निदेशालय ने तीन शिक्षकों के बीएड अंक पत्रों पर संदेह जताया था। इस पर बीएसए ने चिह्नित तीन शिक्षकों को नोटिस निर्गत था और उन्हें आठ जुलाई को मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। इनमें विकासखंड जखौरा के अंतर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय सीरोनखुर्द की एक शिक्षिका, ब्लाक मड़ावरा अंतर्गत नवीन उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़वार का एक शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय तालपुरा धबा का एक शिक्षक शामिल था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामप्रवेश ने बताया कि चिह्नित शिक्षकों ने मूल अभिलेखों की जांच कराई जा रही है।
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लंबे समय से गायब शिक्षकों की सेवा समाप्त करने से पहले समाचार पत्रों में विज्ञापन प्रकाशित करते हुए उन्हें अभिलेख सहित बुलाया जाएगा। इसके उपरांत कार्रवाई कर दी जाएगी।
- रामप्रवेश, बीएसए।