सरकार लॉकडाउन के दौरान हर कर्मचारी को वेतन देने के निर्देश दे रही है, लेकिन नगर निगम में सरकार के निर्देशों की धज्जियां उड़ रही हैं। संक्रमण के दौर में सैनिटाइजेशन और फॉगिंग में लगे कोरोना लड़ाकों के हाथ खाली बने हुए हैं। 50 दिन बाद भी कोरोना लड़ाकों को एक रुपये का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में अपर नगर आयुक्त अरुण कमार गुप्त ने कहा वेतन न मिलने का कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर ऐसा है, तो इसे दिखवाता हूं। कर्मचारियों को वेतन का भुगतान किया जाएगा। महानगर में कोरोना संक्रमण के चलते सुबह-शाम फॉगिंग का काम चल रहा है। इसमें नगर निगम में आउटसोर्स पर तैनात सफाईकर्मी और प्रकाश विभाग के कर्मचारियों को लगाया गया है। इस काम में लगाए गए 37 कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। बताया जाता है कि कर्मचारियों को फॉगिंग कार्य के लिए नगर निगम अधिकारियों ने अतिरिक्त पारिश्रमिक देने का वादा किया था, लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिला। इसके साथ ही सैनिटाइजेशन में लगाए गए कर्मचारियों को भी अब तक वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। सैनिटाइजेशन में एक ठेकेदार के जरिए 300 रुपये प्रतिदिन पर कर्मचारी लगाए गए हैं, लेकिन 50 दिन बाद भी उनके हाथ खाली हैं। कर्मचारी जब भुगतान की बात करतें हैं, तो उन्हें टाल दिया जाता है। ऐसे में कर्मचारियों के आगे परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम के 560 आउट सोर्स सफाई कर्मचारियों को भी अब तक वेतन नहीं मिला है। लगातार सफाई कर्मचारी नगर निगम अधिकारियों और सेवा प्रदाता फर्म के अधिकारियों से मिल रहे हैं, लेकिन कोई कुछ कहने को तैयार नहीं है। बताया जाता है कि एक सेवा प्रदाता फर्म का ठेका खत्म कर दिया गया है। इसके चलते वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।