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शास्त्रविहीन हो रहे साधु-संत, पाठशाला की जरूरत : स्वामी प्रध्द्धानंद
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। चिन्मय मिशन इंदौर के स्वामी प्रध्द्धानंद आचार्य ने विशेष बातचीत में कहा कि आज साधु-संत शास्त्रविहीन होते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि धर्म में आचरण का आधार शास्त्र होने चाहिए, न कि व्यक्तियों की बातें। कहती है कि जैसे शास्त्र कहता है, वैसा आचरण करना चाहिए। श्रीमदद्भागवत कथा ऐसा ही कहती है।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रदेश सरकार के विवाद पर उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे लोगों की श्रद्धा प्रभावित हुई है। दोनों पक्षों को धैर्य रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि साधु-संतों को प्रशिक्षण की जरूरत है और अखाड़ों में हो रही नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि धन के प्रभाव से परंपराएं प्रभावित हो रही हैं और बिना उचित मानकों के नियुक्तियां की जा रही हैं।
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