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Jhansi News: फसल बर्बाद होने से दुखी किसान ने फांसी लगाकर दी जान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रेमनगर के हंसारी इलाके मेें फसल बर्बाद होने से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि खेत में पानी भर जाने से फसल खराब हो गई थी। जबकि पुलिस किसान का मानसिक संतुलन ठीक न होने की बात कह रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है।
मूल रूप से समथर के सिजौरा गांव का रहने वाला परीक्षित पाल (42) हंसारी में रहकर खेती किसानी करता था। परिजनों का कहना है कि सिजौरा गांव में उसकी करीब दो बीघा जमीन है। इसमें वह खेती करता था। पिछले दिनों नदी में उफान आने से उसके खेत में पानी भर गया था। इससे उसकी मूंगफली और उड़द की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। दो दिन पहले वह गांव से हंसारी वापस लौटा था। शनिवार शाम पत्नी सुलेखा और मां घर के बाहर बैठी हुई थी। इस दौरान वह अंदर चला गया। कमरे को बंद करके उसने फांसी लगा ली।
कुछ देर बाद जब पत्नी अंदर कमरे मेंं गई तब वह फंदे से लटका हुआ था। यह देखकर सुलेखा की चीख निकल गई। परिवार के दूसरे सदस्य भी वहां आ गए। सूचना मिलने पर हंसारी पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी भी पहुुंच गए। सीओ सदर स्नेहा तिवारी के मुताबिक परीक्षित की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं थी। परिवार के लोग उसका इलाज करा रहे थे। इस वजह से उसने फांसी लगाई है। फसल खराब होने की बात पता नहीं चली है।
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झांसी। प्रेमनगर के हंसारी इलाके मेें फसल बर्बाद होने से परेशान एक किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि खेत में पानी भर जाने से फसल खराब हो गई थी। जबकि पुलिस किसान का मानसिक संतुलन ठीक न होने की बात कह रही है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है।
मूल रूप से समथर के सिजौरा गांव का रहने वाला परीक्षित पाल (42) हंसारी में रहकर खेती किसानी करता था। परिजनों का कहना है कि सिजौरा गांव में उसकी करीब दो बीघा जमीन है। इसमें वह खेती करता था। पिछले दिनों नदी में उफान आने से उसके खेत में पानी भर गया था। इससे उसकी मूंगफली और उड़द की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई। दो दिन पहले वह गांव से हंसारी वापस लौटा था। शनिवार शाम पत्नी सुलेखा और मां घर के बाहर बैठी हुई थी। इस दौरान वह अंदर चला गया। कमरे को बंद करके उसने फांसी लगा ली।
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कुछ देर बाद जब पत्नी अंदर कमरे मेंं गई तब वह फंदे से लटका हुआ था। यह देखकर सुलेखा की चीख निकल गई। परिवार के दूसरे सदस्य भी वहां आ गए। सूचना मिलने पर हंसारी पुलिस चौकी से पुलिसकर्मी भी पहुुंच गए। सीओ सदर स्नेहा तिवारी के मुताबिक परीक्षित की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं थी। परिवार के लोग उसका इलाज करा रहे थे। इस वजह से उसने फांसी लगाई है। फसल खराब होने की बात पता नहीं चली है।
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