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Jhansi News: पिता की मौत से दुखी बेटे ने जहर निगलकर दी जान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। 10 दिन पहले ब्रेन हैमरेज से हुई पिता की मौत के बाद उसके पुत्र शैलेंद्र रायकवार (38) ने जहर निगलकर जान दे दी। परिजनों का कहना है कि पिता की मौत से शैलेंद्र बेहद दुखी था। तीन दिन बाद पिता की तेरहवीं होनी थी।
टहरौली निवासी मंगल सिंह का 13 जुलाई को ब्रेन हैमरेज से निधन हो गया था। पिता की मौत का उनके बड़े पुत्र शैलेंद्र को गहरा सदमा लगा। परिजनों का कहना है कि बाप-बेटे आपस में बहुत घुले मिले थे। दोनों साथ में खेती-किसानी करते थे। पिता की मौत के बाद से शैलेंद्र गुमशुम रहने लगा। किसी से बातचीत नहीं करता था। मंगल की मौत के बाद परिजन तेरहवीं की तैयारी में जुटे थे। मंगलवार शाम परिजनों को बिना बताए शैलेंद्र बाहर निकल गया। शराब पीने के बाद उसने जहर निगल लिया। करीब तीन घंटे बाद घर लौटकर उसने खुद ही जहर निगलने की बात बताई। यह सुनकर परिजन घबरा उठे। तब तक वह अचेत हो गया था। परिजन उसी हाल में उसे लेकर सीधे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने भी उसके जहर निगलने की पुष्टि की। नाजुक हाल में उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कर लिया गया। उपचार के दौरान बुधवार तड़के उसकी मौत हो गई।
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उधर, दस दिन में दो मौत से परिजन सदमे में हैं। तीन भाइयों में शैलेंद्र सबसे बड़ा था। परिवार में पत्नी सविता समेत 13 साल की बेटी कृष्णा एवं 11 साल का कर्णवीर है। दोनों बच्चे पढ़ते हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
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