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Jhansi News: रनिंग शीट रोकेगी ट्रेन में अपराध, जीआरपी स्क्वॉड लेंगे सबके नाम-नंबर की डिटेल
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। अब जीआरपी स्क्वॉड को ट्रेन की सुरक्षा और सख्त करने के लिए अब रनिंग शीट भरनी होगी। इस रनिंग शीट से ट्रेनों में होने वाले अपराध को रोकने के साथ ही जीआरपी स्क्वॉड के कर्मियों की जवाबदेही भी तय होगी। यह नया फंडा एसपी जीआरपी विपुल श्रीवास्तव ने अपनाया है ताकि अपराध पर अंकुश लग सके।
अधिकांश ट्रेनों में जीआरपी का स्क्वॉड चलता है। इसके बाद भी यात्री अपराधियों के शिकार हो जाते हैं। एसपी ने स्क्वॉड में शामिल पुलिसकर्मियों को पूरी ट्रेन की जांच करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही उनके हाथों में एक रनिंग शीट थमा दी। इस रनिंग शीट में स्क्वॉड कर्मियों को ट्रेन के अंदर रेलवे के टीटीई, कोच अटेंडेंट, वेंडर के साथ-साथ ट्रेन के गेट पर खड़े होने वाले यात्रियों नाम, पीएनआर नंबर, उनका मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। इससे यह स्पष्ट होगा कि स्क्वॉड ट्रेन में सोया नहीं है। इसके बाद अपराध सामने आता तो शीट के आधार पर संदिग्ध को चिह्नित कर उसके मोबाइल से संपर्क कर जानकारी की जाएगी।
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जीआरपी सीओ सोहराव आलम ने बताया कि बीते कुछ महीनों में आपराधिक घटनाएं सामने आ रही थीं। वहीं, यात्रियों से ट्रेन में स्क्वॉड न होने की जानकारी मिल रही थी। इसलिए एसपी की ओर से यह कदम उठाया गया है।
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रनिंग शीट जीआरपी स्क्वॉड की जवाबदेही सुनिश्चित करती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि वे अपनी ड्यूटी सही ढंग से कर रहे हैं या नहीं। इससे यह भी स्पष्ट हो जाता है कि ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी मौजूद हैं और वे यात्रियों की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से गश्त कर रहे हैं। - विपुल श्रीवास्तव, एसपी जीआरपी
अभी 95 से 115 ट्रेनों में रहता है स्क्वॉड
झांसी स्टेशन से रोजाना 150 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन जीआरपी का स्क्वॉड अभी 95 से 115 ट्रेनों में होता है। इनमें कुछ प्रतिदिन चलने वाली ट्रेन तो कुछ साप्ताहिक हैं। यही कारण है स्क्वॉड कि ड्यूटी लगाने की संख्या में उतार चढ़ाव होता है। ड्यूटी लगाने के लिए रोजाना जीआरपी की तरफ से सूची बनाई जाती है और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सुनिश्चित की जाती है। रात के वक्त वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से गुजरने वाली प्रत्येक ट्रेन में जीआरपी का स्क्वॉयड मुस्तैद रहता है।