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रेलवे वर्कशॉप में बवाल, आंदोलित कर्मियों ने आरपीएफ पर किया पथराव, पुलिस ने भांजी लाठियां
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झांसी। इंसेंटिव बोनस की मांग को लेकर दो दिनों से आंदोलित रेलवे वर्कशॉप कर्मचारी बृहस्पतिवार की रात को उस वक्त उग्र हो गए जब वर्कशॉप प्रबंधक समझाने के लिए पहुंचे। कर्मचारियों का एक पक्ष तो उनकी बात मानकर काम पर लौटने को तैयार हो गया जबकि दूसरे गुट ने बवाल कर दिया। वर्कशॉप को खाली कराने पहुंची आरपीएफ पर कर्मचारियों ने पथराव कर दिया। मामला बिगड़ता देख आरपीएफ और पुलिस ने लाठियां भांजकर कर्मचारियों को दौड़ा लिया। कर्मचारियों का एक गुट देर रात को काम पर लौट आया।
रेलवे वर्कशॉप में बृहस्पतिवार रात को भारी हंगामा हुआ। इनसेंटिव बोनस की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारियों में आज दो फाड़ हो गया। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे कार्यशाला प्रबंधक आरडी मौर्या कर्मचारियों से वार्ता करने पहुंचे। उनके समझाने-बुझाने पर कर्मचारियों का एक धड़ा काम पर वापस लौटने को राजी हो गया जबकि दूसरा धड़ा राजी नहीं हुआ। इन कर्मचारियों ने प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा होता देख परिसर के भीतर मौजूद आरपीएफ ने इन कर्मचारियों को वर्कशाप के बाहर खदेड़ दिया। बाहर निकलकर यह कर्मचारी नगरा हाट के पास एकत्रित हो गए। इन कर्मचारियों ने परिसर के बाहर तैनात आरपीएफ पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव शुरू होते ही भगदड़ मच गई। हंगामे की सूचना मिलने पर थोड़ी देर में आरपीएफ कमांडेड आलोक कुमार एवं प्रेमनगर इंस्पेक्टर संजय शुक्ला भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज करके बाहर जमा कर्मचारियों को वहां से खदेड़ना शुरू किया। पुलिस के लाठी चार्ज करते ही बाहर जमा कर्मचारियों के बीच भगदड़ शुरू हो गई। कर्मचारी एक के ऊपर गिरते हुए वहां से भागने लगे। करीब आधे घंटे में पुलिस ने वहां से कर्मचारियों को खदेड़ दिया। पुलिस वहां से दो लोगों को पकड़ कर थाने भी लाई हालांकि इंस्पेक्टर संजय शुक्ला का कहना है कि दोनों का हंगामे से कोई संबंध नहीं था। इस वजह से उनको जाने दिया गया। सुरक्षा को देखते हुए देर-रात वर्कशाप परिसर के बाहर आरपीएफ समेत पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। अंदर कर्मचारियों के एक धड़े ने देर-रात से काम शुरू कर दिया है।
झांसी। वैगन मरम्मत कार्यशाला में टूल डाउन हड़ताल के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जमकर हंगामा हुआ। कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी काम ठप रखा और रेल प्रबंधन के खिलाफ घंटों नारेबाजी की। उधर, रेल प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में यूनियन के उपाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। कर्मचारी एवं प्रबंधन के बीच सुलझ-समझौता कराने को प्रयागराज से रेल अफसर भी यहां देर-रात पहुंच गए। इधर, रेलवे प्रशासन ने इस हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है। वैगन मरम्मत कार्यशाला में इनसेंटिव बोनस की मांग को लेकर करीब तीन हजार कर्मचारी बुधवार से टूल डाउन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन वर्कशाप के अंदर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित कर्मचारियों ने एक खंड अभियंता की पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद बुधवार देर-रात कार्यशाला प्रबंधन ने एनसीआरईएस के वर्कशाप शाखा उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ टेक्नीशियन बृज किशोर साहू को निलंबित कर दिया। बृहस्पतिवार को बृजकिशोर के निलंबित होने की सूचना जैसे ही अन्य कर्मचारियों को लगी, उनमें रोष फैल गया। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी वर्कशाप के अंदर एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे। वर्कशाप कर्मी यूनियन के रवैये से नाखुश थे। उन्होंने यूनियन के खिलाफ भी नारेबाजी की। अपनी अन्य मांगों के साथ अब कर्मचारी शाखा प्रबंधक को भी हटाने पर अड़ गए हैं। उधर, हंगामे को देखते हुए वर्कशाप के अंदर बड़ी संख्या में आरपीएफ तैनात कर दी गई है।
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कारखाना प्रबंधन ने हड़ताल को किया अवैध घोषित
टूल हाउन हड़ताल को कारखाना प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को अवैध घोषित कर दिया। मुख्य कारखाना प्रबंधक आरडी मौर्या ने अपने एक आदेश में इस हड़ताल को तत्काल प्रभाव से अवैध करार देते हुए आंदोलित कर्मचारियों को काम पर लौटने को कहा है। रेलवे बोर्ड के आदेश का हवाला देते हुए मुख्य प्रबंधक ने कहा कि इस अवैधानिक हड़ताल अवधि को नो वर्क-नो पे के मुताबिक माना जाएगा। हड़ताल से पहले प्रबंधन को विश्वास में नहीं लिया गया था लिहाजा इसे रेल सेवा आचरण नियम-1966 के खिलाफ माना जाएगा। आंदोलित कर्मचारियों को हड़ताल की तिथि तक अर्जित सभी छुट्टी की जब्ती, वेतन वृद्घि स्थगन समेत अन्य कार्रवाई भी होगी।
देर-रात प्रयागराज से पहुंचे अफसर
रेल कर्मचारियों एवं प्रबंधन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच प्रयागराज से प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी यहां बृहस्पतिवार देर-रात पहुंचे। यहां वह वर्कशॉप कर्मियों से वार्ता करेंगे। यूनियन नेताओं को भी वार्ता में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। रेल अफसरों को उम्मीद है कि दो पक्षीय वार्ता के दौरान विवाद सुलझा लिया जाएगा।
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रेलवे वर्कशॉप में बृहस्पतिवार रात को भारी हंगामा हुआ। इनसेंटिव बोनस की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारियों में आज दो फाड़ हो गया। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे कार्यशाला प्रबंधक आरडी मौर्या कर्मचारियों से वार्ता करने पहुंचे। उनके समझाने-बुझाने पर कर्मचारियों का एक धड़ा काम पर वापस लौटने को राजी हो गया जबकि दूसरा धड़ा राजी नहीं हुआ। इन कर्मचारियों ने प्रबंधक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा होता देख परिसर के भीतर मौजूद आरपीएफ ने इन कर्मचारियों को वर्कशाप के बाहर खदेड़ दिया। बाहर निकलकर यह कर्मचारी नगरा हाट के पास एकत्रित हो गए। इन कर्मचारियों ने परिसर के बाहर तैनात आरपीएफ पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव शुरू होते ही भगदड़ मच गई। हंगामे की सूचना मिलने पर थोड़ी देर में आरपीएफ कमांडेड आलोक कुमार एवं प्रेमनगर इंस्पेक्टर संजय शुक्ला भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने लाठी चार्ज करके बाहर जमा कर्मचारियों को वहां से खदेड़ना शुरू किया। पुलिस के लाठी चार्ज करते ही बाहर जमा कर्मचारियों के बीच भगदड़ शुरू हो गई। कर्मचारी एक के ऊपर गिरते हुए वहां से भागने लगे। करीब आधे घंटे में पुलिस ने वहां से कर्मचारियों को खदेड़ दिया। पुलिस वहां से दो लोगों को पकड़ कर थाने भी लाई हालांकि इंस्पेक्टर संजय शुक्ला का कहना है कि दोनों का हंगामे से कोई संबंध नहीं था। इस वजह से उनको जाने दिया गया। सुरक्षा को देखते हुए देर-रात वर्कशाप परिसर के बाहर आरपीएफ समेत पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। अंदर कर्मचारियों के एक धड़े ने देर-रात से काम शुरू कर दिया है।
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झांसी। वैगन मरम्मत कार्यशाला में टूल डाउन हड़ताल के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी जमकर हंगामा हुआ। कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी काम ठप रखा और रेल प्रबंधन के खिलाफ घंटों नारेबाजी की। उधर, रेल प्रशासन ने अनुशासनहीनता के आरोप में यूनियन के उपाध्यक्ष को निलंबित कर दिया। कर्मचारी एवं प्रबंधन के बीच सुलझ-समझौता कराने को प्रयागराज से रेल अफसर भी यहां देर-रात पहुंच गए। इधर, रेलवे प्रशासन ने इस हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया है। वैगन मरम्मत कार्यशाला में इनसेंटिव बोनस की मांग को लेकर करीब तीन हजार कर्मचारी बुधवार से टूल डाउन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन वर्कशाप के अंदर जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित कर्मचारियों ने एक खंड अभियंता की पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद बुधवार देर-रात कार्यशाला प्रबंधन ने एनसीआरईएस के वर्कशाप शाखा उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ टेक्नीशियन बृज किशोर साहू को निलंबित कर दिया। बृहस्पतिवार को बृजकिशोर के निलंबित होने की सूचना जैसे ही अन्य कर्मचारियों को लगी, उनमें रोष फैल गया। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी वर्कशाप के अंदर एकत्रित होकर नारेबाजी करने लगे। वर्कशाप कर्मी यूनियन के रवैये से नाखुश थे। उन्होंने यूनियन के खिलाफ भी नारेबाजी की। अपनी अन्य मांगों के साथ अब कर्मचारी शाखा प्रबंधक को भी हटाने पर अड़ गए हैं। उधर, हंगामे को देखते हुए वर्कशाप के अंदर बड़ी संख्या में आरपीएफ तैनात कर दी गई है।
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कारखाना प्रबंधन ने हड़ताल को किया अवैध घोषित
टूल हाउन हड़ताल को कारखाना प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को अवैध घोषित कर दिया। मुख्य कारखाना प्रबंधक आरडी मौर्या ने अपने एक आदेश में इस हड़ताल को तत्काल प्रभाव से अवैध करार देते हुए आंदोलित कर्मचारियों को काम पर लौटने को कहा है। रेलवे बोर्ड के आदेश का हवाला देते हुए मुख्य प्रबंधक ने कहा कि इस अवैधानिक हड़ताल अवधि को नो वर्क-नो पे के मुताबिक माना जाएगा। हड़ताल से पहले प्रबंधन को विश्वास में नहीं लिया गया था लिहाजा इसे रेल सेवा आचरण नियम-1966 के खिलाफ माना जाएगा। आंदोलित कर्मचारियों को हड़ताल की तिथि तक अर्जित सभी छुट्टी की जब्ती, वेतन वृद्घि स्थगन समेत अन्य कार्रवाई भी होगी।
देर-रात प्रयागराज से पहुंचे अफसर
रेल कर्मचारियों एवं प्रबंधन के बीच चल रहे गतिरोध के बीच प्रयागराज से प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी यहां बृहस्पतिवार देर-रात पहुंचे। यहां वह वर्कशॉप कर्मियों से वार्ता करेंगे। यूनियन नेताओं को भी वार्ता में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। रेल अफसरों को उम्मीद है कि दो पक्षीय वार्ता के दौरान विवाद सुलझा लिया जाएगा।