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आरटीई: नए खातों में आएगी विद्यार्थियों की धनराशि
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झांसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की स्कूल फीस का भुगतान अब नए बैंक खातों में किया जाएगा। जिले में निजी स्कूलों में तीन हजार बच्चे आरटीई के तहत पढ़ रहे हैं, जिनकी स्कूल फीस का भुगतान अबतक नहीं हुआ है।
जिले में 250 निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। गत तीन वर्षों से शासन की ओर से इन स्कूलों को विद्यार्थियों की स्कूल फीस नहीं दी गई है। पिछले सत्र में भी 1.95 करोड़ रुपये स्कूल फीस की मांग की गई थी, लेकिन सिर्फ 3.07 लाख ही शासन द्वारा आवंटित किए गए थे।
बता देें कि इस सत्र की शुरुआत में जब शासन से आरटीई के तहत स्कूल फीस की मांग की गई थी, तब शासन की ओर से इन विद्यार्थियों के दाखिले का सबूत मांग लिया। जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा ब्लॉकवार इसकी आख्या शासन को भेजी गई थी।
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जिसके बाद शासन द्वारा इस सत्र में स्कूल फीस का भुगतान करने का ऐलान किया गया था, जो कि निजी स्कूलों के आरटीई के नाम से खोले गए बैंक खातोें में ही प्रेषित की जाएगी। विभाग द्वारा सभी स्कूलों को नए बैंक खाते खुलवाने के लिए निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके अभी भी लगभग 60 स्कूलों ने नए बैंक खाते नहीं खुलवाए हैं। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि स्कूल फीस की डिमांड की गई है, जैसे ही धनराशि आएगी, स्कूलों को भेज दी जाएगी।
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जिले में 250 निजी स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। गत तीन वर्षों से शासन की ओर से इन स्कूलों को विद्यार्थियों की स्कूल फीस नहीं दी गई है। पिछले सत्र में भी 1.95 करोड़ रुपये स्कूल फीस की मांग की गई थी, लेकिन सिर्फ 3.07 लाख ही शासन द्वारा आवंटित किए गए थे।
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बता देें कि इस सत्र की शुरुआत में जब शासन से आरटीई के तहत स्कूल फीस की मांग की गई थी, तब शासन की ओर से इन विद्यार्थियों के दाखिले का सबूत मांग लिया। जिसके बाद खंड शिक्षा अधिकारियों द्वारा ब्लॉकवार इसकी आख्या शासन को भेजी गई थी।
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जिसके बाद शासन द्वारा इस सत्र में स्कूल फीस का भुगतान करने का ऐलान किया गया था, जो कि निजी स्कूलों के आरटीई के नाम से खोले गए बैंक खातोें में ही प्रेषित की जाएगी। विभाग द्वारा सभी स्कूलों को नए बैंक खाते खुलवाने के लिए निर्देशित किया गया था। बावजूद इसके अभी भी लगभग 60 स्कूलों ने नए बैंक खाते नहीं खुलवाए हैं। बीएसए नीलम यादव ने बताया कि स्कूल फीस की डिमांड की गई है, जैसे ही धनराशि आएगी, स्कूलों को भेज दी जाएगी।