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Jhansi News: 48 करोड़ रॉयल्टी के बकायेदारों की होगी कुर्की
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जिलाधिकारी के निर्देश पर पट्टा निरस्त, कई सालों से चला आ रहा बकाया, विभाग पहले ही जारी कर चुका है आरसी
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कारोबारी बालू का खनन तो धड़ल्ले से कर रहे हैं लेकिन वह सरकार की रॉयल्टी समय से अदा नहीं कर रहे हैं। सात कारोबारियों पर 48 करोड़ से अधिक बकाया है। इनको पूर्व में आरसी जारी की गई लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। पट्टा निरस्तीकरण के बाद अब जिलाधिकारी के निर्देश पर इनके खिलाफ कुर्की की तैयारी की जा रही है।
बालू खनन के लिए विभाग ने जिले में 14 पट्टे आवंटित किए हैं। यहां बड़े पैमाने पर खनन किया जाता है और इससे विभाग को हर माह करोड़ों रुपये राजस्व रॉयल्टी के रूप में प्राप्त होता है। इसके बावजूद, कुछ कारोबारी ऐसे हैं जाे समय से अपनी रॉयल्टी जमा नहीं करते हैं। इसके चलते बकाये में लगातार वृद्धि होती जा रही है। सात कारोबारी विभाग ने चिह्नित किए हुए हैं, जिन पर करीब 48 करोड़ रुपये रॉयल्टी बकाया है। यह बकाया कई साल से चला आ रहा है। वरिष्ठ खान अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर टॉप सात बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बॉक्स में -
यह हैं टॉप 7 बकायेदार
पट्टाधारक क्षेत्र बकाया
एसए इंफ्राडेवलपर्स प्रा.लि. दिल्ली कुकरगांव 24.67 करोड़ रुपये
मयंक तोमर भेलवाड़ा राजस्थान धवाकर 12.90 करोड़ रुपये
आरएसआई स्टोन वर्ल्ड प्रा.लि. करौली राजस्थान देवरी 3.29 करोड़ रुपये
अम्बे सप्लायर प्रा.लि. करौली राजस्थान एरच 1.32 करोड़ रुपये
आशीष यादव झांसी समशेरपुरा 64.99 लाख रुपये
मेसर्स सानिका कंस्ट्रक्शन झांसी नवादा 47.61 लाख रुपये
ये है रॉयल्टी
दरअसल, जहां कहीं भी खनिजों की खदान पाई जाती है उसे किसी कंपनी को अलॉट किया जाता है। इस खदान से निकलने वाले खनिज पर जो पैसे सरकार को दिए जाते हैं, उसे ही रॉयल्टी कहा जाता है। सरकार उस जमीन का पट्टा देने के लिए टैक्स अलग से भी लेती है। यानी जमीन के लिए अलग टैक्स और उस जमीन से निकलने वाले खनिज की मात्रा पर रॉयल्टी देनी पड़ती है।
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84 कारोबारियों को भी जारी की आरसी, 13 करोड़ बकाया
टॉप 7 कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा 84 कारोबारी भी चिह्नित किए हैं, जिन पर करीब 15 करोड़ रुपये बकाया है। इन्हें भी नोटिस दिए जा चुके हैं इनके खिलाफ भी विभाग ने आरसी जारी कर दी है। राजस्व विभाग ने इनसे वसूली के लिए कार्रवाई शुरू की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। कारोबारी बालू का खनन तो धड़ल्ले से कर रहे हैं लेकिन वह सरकार की रॉयल्टी समय से अदा नहीं कर रहे हैं। सात कारोबारियों पर 48 करोड़ से अधिक बकाया है। इनको पूर्व में आरसी जारी की गई लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। पट्टा निरस्तीकरण के बाद अब जिलाधिकारी के निर्देश पर इनके खिलाफ कुर्की की तैयारी की जा रही है।
बालू खनन के लिए विभाग ने जिले में 14 पट्टे आवंटित किए हैं। यहां बड़े पैमाने पर खनन किया जाता है और इससे विभाग को हर माह करोड़ों रुपये राजस्व रॉयल्टी के रूप में प्राप्त होता है। इसके बावजूद, कुछ कारोबारी ऐसे हैं जाे समय से अपनी रॉयल्टी जमा नहीं करते हैं। इसके चलते बकाये में लगातार वृद्धि होती जा रही है। सात कारोबारी विभाग ने चिह्नित किए हुए हैं, जिन पर करीब 48 करोड़ रुपये रॉयल्टी बकाया है। यह बकाया कई साल से चला आ रहा है। वरिष्ठ खान अधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर टॉप सात बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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बॉक्स में -
यह हैं टॉप 7 बकायेदार
पट्टाधारक क्षेत्र बकाया
एसए इंफ्राडेवलपर्स प्रा.लि. दिल्ली कुकरगांव 24.67 करोड़ रुपये
मयंक तोमर भेलवाड़ा राजस्थान धवाकर 12.90 करोड़ रुपये
आरएसआई स्टोन वर्ल्ड प्रा.लि. करौली राजस्थान देवरी 3.29 करोड़ रुपये
अम्बे सप्लायर प्रा.लि. करौली राजस्थान एरच 1.32 करोड़ रुपये
आशीष यादव झांसी समशेरपुरा 64.99 लाख रुपये
मेसर्स सानिका कंस्ट्रक्शन झांसी नवादा 47.61 लाख रुपये
ये है रॉयल्टी
दरअसल, जहां कहीं भी खनिजों की खदान पाई जाती है उसे किसी कंपनी को अलॉट किया जाता है। इस खदान से निकलने वाले खनिज पर जो पैसे सरकार को दिए जाते हैं, उसे ही रॉयल्टी कहा जाता है। सरकार उस जमीन का पट्टा देने के लिए टैक्स अलग से भी लेती है। यानी जमीन के लिए अलग टैक्स और उस जमीन से निकलने वाले खनिज की मात्रा पर रॉयल्टी देनी पड़ती है।
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84 कारोबारियों को भी जारी की आरसी, 13 करोड़ बकाया
टॉप 7 कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई के अलावा 84 कारोबारी भी चिह्नित किए हैं, जिन पर करीब 15 करोड़ रुपये बकाया है। इन्हें भी नोटिस दिए जा चुके हैं इनके खिलाफ भी विभाग ने आरसी जारी कर दी है। राजस्व विभाग ने इनसे वसूली के लिए कार्रवाई शुरू की है।