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Jhansi News: शिक्षक के बेटे ऋषभ ने प्रदेश में पाया तीसरा स्थान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में उल्दन के छात्र ऋषभ साहू ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है। 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।
अमर उजाला से बातचीत में ऋषभ ने विनम्रता के साथ अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छे अंकों की उम्मीद थी लेकिन प्रदेश में तीसरा स्थान मिलेगा, इसकी कल्पना भी नहीं की थी। उनकी इस सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई, अनुशासन और समय का सही प्रबंधन सबसे बड़ा आधार रहा।
उल्दन स्थित लॉर्ड कृष्णा पब्लिक हाईस्कूल के छात्र ऋषभ रोजाना कक्षा के अलावा पांच से छह घंटे स्वाध्याय करते थे। स्कूल में पढ़ाई के दौरान पूरा ध्यान देना और घर आकर उसी पाठ को दोहराना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा था। उन्होंने कभी भी काम को टालने की आदत नहीं डाली। हर दिन का लक्ष्य तय कर उसे पूरा करना उनकी सफलता का मंत्र बना।
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ऋषभ ने ऑनलाइन कक्षाओं का भी भरपूर उपयोग किया और कठिन विषयों को समझने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए। उनकी बड़ी बहन दीया साहू ने भी पढ़ाई में उनका लगातार मार्गदर्शन किया। दीया खुद इंटरमीडिएट में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चुकी हैं, जिससे घर का शैक्षिक माहौल और मजबूत हुआ।
साधारण परिवार से आने वाले ऋषभ के पिता मुकेश साहू राजकीय हाईस्कूल रानीपुर में शिक्षक हैं, जबकि मां रीना साहू गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और संस्कारों ने ऋषभ को मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित बनाया। अपनी सफलता का श्रेय ऋषभ अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका सपना है कि वह आईआईटी में प्रवेश लेकर इंजीनियर बनें और देश के विकास में योगदान दें।
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झांसी। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल परीक्षा में उल्दन के छात्र ऋषभ साहू ने प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे बुंदेलखंड का नाम रोशन किया है। 97.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो सफलता खुद रास्ता बना लेती है।
अमर उजाला से बातचीत में ऋषभ ने विनम्रता के साथ अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्हें अच्छे अंकों की उम्मीद थी लेकिन प्रदेश में तीसरा स्थान मिलेगा, इसकी कल्पना भी नहीं की थी। उनकी इस सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई, अनुशासन और समय का सही प्रबंधन सबसे बड़ा आधार रहा।
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उल्दन स्थित लॉर्ड कृष्णा पब्लिक हाईस्कूल के छात्र ऋषभ रोजाना कक्षा के अलावा पांच से छह घंटे स्वाध्याय करते थे। स्कूल में पढ़ाई के दौरान पूरा ध्यान देना और घर आकर उसी पाठ को दोहराना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा था। उन्होंने कभी भी काम को टालने की आदत नहीं डाली। हर दिन का लक्ष्य तय कर उसे पूरा करना उनकी सफलता का मंत्र बना।
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ऋषभ ने ऑनलाइन कक्षाओं का भी भरपूर उपयोग किया और कठिन विषयों को समझने के लिए अतिरिक्त प्रयास किए। उनकी बड़ी बहन दीया साहू ने भी पढ़ाई में उनका लगातार मार्गदर्शन किया। दीया खुद इंटरमीडिएट में 85 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चुकी हैं, जिससे घर का शैक्षिक माहौल और मजबूत हुआ।
साधारण परिवार से आने वाले ऋषभ के पिता मुकेश साहू राजकीय हाईस्कूल रानीपुर में शिक्षक हैं, जबकि मां रीना साहू गृहिणी हैं। परिवार के सहयोग और संस्कारों ने ऋषभ को मेहनती और लक्ष्य के प्रति समर्पित बनाया। अपनी सफलता का श्रेय ऋषभ अपने माता-पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका सपना है कि वह आईआईटी में प्रवेश लेकर इंजीनियर बनें और देश के विकास में योगदान दें।