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फॉरेंसिक लैब ने पकड़ी रफ्तार, साढ़े तीन सौ मामलों की रिपोर्ट थानों को भेजीं
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झांसी। राजगढ़ स्थित पीएसी की फॉरेंसिक लैब में जांचों ने रफ्तार पकड़ ली है। दो माह में साढ़े तीन सौ जांचें करने के बाद उनकी रिपोर्ट बनाकर थानों व संबंधित अधिकारियों को भेज दी है। अब जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की तफ्तीश कर सुबूतों से पर्दा उठाएगी। झांसी समेत बुंदेलखंड के सभी जनपदों को इसका लाभ भी मिलेगा। लैब में अन्य महत्वपूर्ण जांचें सितंबर से होने लगेंगी।
जनवरी 2016 में जिले के राजगढ़ स्थित पीएसी में फॉॅरेंसिक लैब खोलने का निर्णय लिया था। 35 करोड़ की लागत से बनने वाली लैब का काम 2018 तक पूरा होना था, लेकिन बजट समय से न मिलने के कारण लैब बनने में देरी हुई। पिछले बजट से रुपये मिलने के बाद लैब के काम ने तेजी पकड़ी थी। लैब में एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट सेक्शन की जांचें शुरू हो चुकी हैं। दो माह के भीतर यहां करीब साढ़े तीन सौ जांचें होने के बाद सभी की रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई हैै। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मामलों का खुलासा करेगी। लैब के डिप्टी डायरेक्टर भोरी सिंह के अनुसार एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट की जांचें करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही हैं। अन्य विभागों में जल्द जांचें शुरू होंगी।
एनडीपीएस में हुईं ढ़ाई सौ जांचें
लैब में एनडीपीएस के मामलों में अब तक 258 जांचें हुई। एनडीपीएस के तहत अफीम, गांजा, चरस, पेट्रोल, डीजल, मोबिलऑयल, शराब, बीयर, मिट्टी का तेल आदि की जांचें की जा रही हैं।
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डॉक्यूमेंट में हुईं सौ जांचें
लैब में डॉक्यूमेंट के तहत अब तक 100 जांचें हुई हैं। इनमें फर्जी हस्ताक्षर, जालसाजी, सुसाइड नोट आदि की जांचें की जा रही हैं।
ये होंगी सहूलियत
- पुलिस महकमे को जांच के लिए आगरा व लखनऊ तक दौड़ से बचत
- आसपास के दो दर्जन से ज्यादा जिलों को भी मिलेगा फायदा
- समय के साथ पैसे की भी बचत होगी, जल्द रिपोर्ट से काम आसान
- गुणवत्तापूर्ण जांच के लिए आधुनिक मशीनों पर काम का लाभ
इनको मिलेगा फायदा
वर्तमान में जांचों का विसरा आगरा भेजा जाता है। ऐसे में लैब का फायदा झांसी के साथ ललितपुर, जालौन, महोबा और हमीरपुर पुलिस को मिलेगा।
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जनवरी 2016 में जिले के राजगढ़ स्थित पीएसी में फॉॅरेंसिक लैब खोलने का निर्णय लिया था। 35 करोड़ की लागत से बनने वाली लैब का काम 2018 तक पूरा होना था, लेकिन बजट समय से न मिलने के कारण लैब बनने में देरी हुई। पिछले बजट से रुपये मिलने के बाद लैब के काम ने तेजी पकड़ी थी। लैब में एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट सेक्शन की जांचें शुरू हो चुकी हैं। दो माह के भीतर यहां करीब साढ़े तीन सौ जांचें होने के बाद सभी की रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई हैै। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मामलों का खुलासा करेगी। लैब के डिप्टी डायरेक्टर भोरी सिंह के अनुसार एनडीपीएस व डॉक्यूमेंट की जांचें करने के बाद रिपोर्ट तैयार कर भेजी जा रही हैं। अन्य विभागों में जल्द जांचें शुरू होंगी।
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एनडीपीएस में हुईं ढ़ाई सौ जांचें
लैब में एनडीपीएस के मामलों में अब तक 258 जांचें हुई। एनडीपीएस के तहत अफीम, गांजा, चरस, पेट्रोल, डीजल, मोबिलऑयल, शराब, बीयर, मिट्टी का तेल आदि की जांचें की जा रही हैं।
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डॉक्यूमेंट में हुईं सौ जांचें
लैब में डॉक्यूमेंट के तहत अब तक 100 जांचें हुई हैं। इनमें फर्जी हस्ताक्षर, जालसाजी, सुसाइड नोट आदि की जांचें की जा रही हैं।
ये होंगी सहूलियत
- पुलिस महकमे को जांच के लिए आगरा व लखनऊ तक दौड़ से बचत
- आसपास के दो दर्जन से ज्यादा जिलों को भी मिलेगा फायदा
- समय के साथ पैसे की भी बचत होगी, जल्द रिपोर्ट से काम आसान
- गुणवत्तापूर्ण जांच के लिए आधुनिक मशीनों पर काम का लाभ
इनको मिलेगा फायदा
वर्तमान में जांचों का विसरा आगरा भेजा जाता है। ऐसे में लैब का फायदा झांसी के साथ ललितपुर, जालौन, महोबा और हमीरपुर पुलिस को मिलेगा।