{"_id":"6ac7f336a670bb5c0408efc8","slug":"repairs-to-97-km-of-roads-must-be-completed-by-the-13th-the-corporation-will-then-recover-the-cost-jhansi-news-c-11-1-jhs1004-893801-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: 13 तक करानी होगी 97 किमी सड़कों की मरम्मत, फिर निगम वसूलेगा खर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: 13 तक करानी होगी 97 किमी सड़कों की मरम्मत, फिर निगम वसूलेगा खर्चा
विज्ञापन
गरियागांव में खोदी गई सड़क की अब तक नहीं की गई मरम्मत। श्रोत स्वयं
झांसी। महानगर में पाइप लाइन डालने के लिए खोदी 97 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत के लिए नगर निगम ने जल निगम को 13 अक्तूबर तक की मोहलत दी है। इसके अगले दिन नगर निगम में होने वाली बैठक में जल निगम को मरम्मत की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। बची हुई सड़कों की मरम्मत नगर निगम कराएगा, जो खर्चा आएगा उसे जल निगम से वसूलेगा। जल निगम की ओर से कराए गए पाइपलाइन बिछाने के कार्य के दौरान नगर निगम सीमांतर्गत भी बड़ी संख्या में सड़कें खोदी गईं। कई स्थानों पर काम पूरा होने के बाद भी सड़कें पहले की स्थिति में नहीं लौट सकीं।
डीएम की बैठक में भी उठा था मुद्दा
बीते 28 सितंबर को डीएम गौरांग राठी की अध्यक्षता में हुई मार्गों की मरम्मत और नवीनीकरण की समीक्षा बैठक में भी जल निगम द्वारा खोदी गई सड़कों का मुद्दा उठा था। नगर निगम प्रशासन की ओर से जोनवार रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि महानगर में 97 किलोमीटर की सड़कें जल निगम की ओर से खोदने के बाद मरम्मत नहीं कराई गई है। इस पर डीएम ने सात दिन के अंदर खोदी गई सड़कों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि जल निगम तय समय में मरम्मत न कराए तो नगर निगम स्वयं कार्य कराएगा। कार्य पर होने वाले व्यय की वसूली जल निगम से की जाएगी। डीएम ने 10 दिन के अंदर सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए थे।
अब नगर निगम की ओर से जल संस्थान के महाप्रबंधक और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं को पत्र लिखा गया है। इसमें 14 अक्तूबर को शाम चार बजे नगर आयुक्त सभागार में बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है। बैठक में खोदी गई सड़कों के बाद मरम्मत की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
विज्ञापन
शुरू होने वाला है त्योहारी सीजन
10 अक्तूबर तक पितृपक्ष हैं। फिर 11 अक्तूबर से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। शहर में त्योहारों के दौरान आवागमन बढ़ जाता है। खरीदारी के लिए भी बाजारों में लोगों को आवागमन बढ़ जाता है। ऐसे में खराब सड़कें जनता को दर्द दे रही हैं। जिला प्रशासन पहले ही मुख्य मार्गों को 20 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त कराने का लक्ष्य तय कर चुका है।
वर्जन..
14 अक्तूबर को होने वाली बैठक में जल निगम की ओर से 97 किलोमीटर खोदी गई सड़कों के सापेक्ष हुए मरम्मत कार्य की प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद सत्यापन कराया जाएगा। जो सड़कें मरम्मत से रह गई होंगी, उन्हें नगर निगम दुरुस्त कराएगा। अधिकारियों के निर्देशानुसार इसमें आने वाले व्यय की वसूली जल निगम से की जाएगी।
-राजवीर सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।
विज्ञापन
डीएम की बैठक में भी उठा था मुद्दा
बीते 28 सितंबर को डीएम गौरांग राठी की अध्यक्षता में हुई मार्गों की मरम्मत और नवीनीकरण की समीक्षा बैठक में भी जल निगम द्वारा खोदी गई सड़कों का मुद्दा उठा था। नगर निगम प्रशासन की ओर से जोनवार रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि महानगर में 97 किलोमीटर की सड़कें जल निगम की ओर से खोदने के बाद मरम्मत नहीं कराई गई है। इस पर डीएम ने सात दिन के अंदर खोदी गई सड़कों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए। कहा कि यदि जल निगम तय समय में मरम्मत न कराए तो नगर निगम स्वयं कार्य कराएगा। कार्य पर होने वाले व्यय की वसूली जल निगम से की जाएगी। डीएम ने 10 दिन के अंदर सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
अब नगर निगम की ओर से जल संस्थान के महाप्रबंधक और जल निगम के अधिशासी अभियंताओं को पत्र लिखा गया है। इसमें 14 अक्तूबर को शाम चार बजे नगर आयुक्त सभागार में बैठक में शामिल होने के लिए कहा गया है। बैठक में खोदी गई सड़कों के बाद मरम्मत की रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
विज्ञापन
शुरू होने वाला है त्योहारी सीजन
10 अक्तूबर तक पितृपक्ष हैं। फिर 11 अक्तूबर से नवरात्र की शुरुआत के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो जाएगा। शहर में त्योहारों के दौरान आवागमन बढ़ जाता है। खरीदारी के लिए भी बाजारों में लोगों को आवागमन बढ़ जाता है। ऐसे में खराब सड़कें जनता को दर्द दे रही हैं। जिला प्रशासन पहले ही मुख्य मार्गों को 20 अक्तूबर तक गड्ढामुक्त कराने का लक्ष्य तय कर चुका है।
वर्जन..
14 अक्तूबर को होने वाली बैठक में जल निगम की ओर से 97 किलोमीटर खोदी गई सड़कों के सापेक्ष हुए मरम्मत कार्य की प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद सत्यापन कराया जाएगा। जो सड़कें मरम्मत से रह गई होंगी, उन्हें नगर निगम दुरुस्त कराएगा। अधिकारियों के निर्देशानुसार इसमें आने वाले व्यय की वसूली जल निगम से की जाएगी।
-राजवीर सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।