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डेंगू: इस बार रेड जोन से बाहर आया झांसी
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झांसी। पिछले साल मचे डेंगू के हाहाकार के बाद इस बार जनपद रेड जोन से बाहर आ गया है। जिले में सौ से भी कम केस होने की वजह से इसे सफेद जोन में रखा गया है। हालांकि, पिछले 48 घंटे में डेंगू के छह मामले और सामने आए हैं।
मानसूनी सीजन में इस बार पानी भी ज्यादा और देर तक बरसा। ऐसे में उम्मीद थी कि डेंगू अक्तूबर से तेजी से हमला बोलेगा। मगर नवंबर की शुरूआत हो जाने के बाद भी अभी इसके केस थमे हुए हैं। विभागीय आंकड़ों को देखें तो जनपद में डेंगू हर तीसरे साल हमलावर होता है। जिले में 2016 में 57, 2017 में 112 डेंगू के केस थे। वहीं, 2018 में केस बढ़कर 288 पहुंच गए थे। इसके अलावा 2019 में जहां डेंगू के महज 63, 2020 में 36 थे। वहीं, 2021 में डेंगू के मरीजों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई थी और केस 1100 के भी पार पहुंच गए थे। जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि इस बार डेंगू जिले में बिल्कुल थमा हुआ है। दो दिनों में मोंठ में दो और शिवाजी नगर, आवास विकास, तालपुरा व बबीना में एक-एक केस सामने आए हैं। इनमें से मोंठ और शिवाजी नगर के एक-एक रोगी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 80 हो गई है। जिन जिलों में सौ से कम केस होते हैं, उन्हें सफेद जोन में रखा जाता है।
वर्ष केस
2016 57
2017 112
2018 288
2019 63
2020 36
2021 1124
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मानसूनी सीजन में इस बार पानी भी ज्यादा और देर तक बरसा। ऐसे में उम्मीद थी कि डेंगू अक्तूबर से तेजी से हमला बोलेगा। मगर नवंबर की शुरूआत हो जाने के बाद भी अभी इसके केस थमे हुए हैं। विभागीय आंकड़ों को देखें तो जनपद में डेंगू हर तीसरे साल हमलावर होता है। जिले में 2016 में 57, 2017 में 112 डेंगू के केस थे। वहीं, 2018 में केस बढ़कर 288 पहुंच गए थे। इसके अलावा 2019 में जहां डेंगू के महज 63, 2020 में 36 थे। वहीं, 2021 में डेंगू के मरीजों में बेतहाशा बढ़ोतरी हो गई थी और केस 1100 के भी पार पहुंच गए थे। जिला मलेरिया अधिकारी आरके गुप्ता ने बताया कि इस बार डेंगू जिले में बिल्कुल थमा हुआ है। दो दिनों में मोंठ में दो और शिवाजी नगर, आवास विकास, तालपुरा व बबीना में एक-एक केस सामने आए हैं। इनमें से मोंठ और शिवाजी नगर के एक-एक रोगी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं। अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 80 हो गई है। जिन जिलों में सौ से कम केस होते हैं, उन्हें सफेद जोन में रखा जाता है।
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वर्ष केस
2016 57
2017 112
2018 288
2019 63
2020 36
2021 1124