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Jhansi News: हार्टअटैक आने पर पहुंचे जिला अस्पताल पर नहीं मिला इलाज, अस्पताल में नहीं हैं ह्रदय रोग विशेषज्ञ
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। हार्ट अटैक की स्थिति में मरीजाें को इलाज में जितनी देरी होती है उतना ही उनकी जान खतरे में पड़ जाती है। ऐसे में तत्काल इलाज की उम्मीद में हर दिन औसतन दो मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। अस्पताल में आईसीयू से लेकर वेंटिलेटर भी हैं, लेकिन यहां ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण वह ह्रदय रोगियों के किसी काम नहीं आ रहे हैं। इसलिए मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ रहा है।
ह्रदय रोग से जूझ रहे मरीज और उनके परिजन जिला अस्पताल की इमरजेंसी में यही सोचकर पहुंच रहे हैं कि यहां उन्हें ह्रदय रोग का इलाज मिल जाएगा लेकिन जिला अस्पताल में ह्रदय रोग विशेषज्ञ ही नहीं हैं। हालांकि मरीजों को यहां से इतनी राहत जरूर मिल पा रही है कि जिनकी ह्रदय गति और रक्तचाप खतरे के स्तर तक पहुंच रहा है, उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद स्थिति स्थिर होने पर तत्काल एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। वहीं, कुछ मरीजों के तीमारदार उन्हें निजी अस्पतालों में भी भर्ती कराने ले जा रहे हैं। ऐसे में अस्पताल के वेंटिलेटर और आईसीयू भी ह्रदय रोगियों के लिए काम नहीं आ पा रहे हैं।
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वर्जन
अस्पताल में ह्रदय रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, लेकिन यहां आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि अस्पताल में ह्रदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती जल्द हो। - डॉ. प्रमोद कुमार कटियार, मंडलीय प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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