महानगर में कोरोना पॉजिटिव केस आने के बाद लोगों में दहशत है। इसके बाद तमाम इलाकों में हॉटस्पॉट में तब्दील किया गया है। यहां हर किसी के आने जाने पर पाबंदी है। वहीं एक मई से जिले में राशन का वितरण किया जाना है। ऐसे में यहां लोगों को घर में रखना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना चुनौती बनेगा। इसके लिए अब तक प्रशासन कोई निर्णय नहीं ले सका है। लॉकडाउन में सरकार ने राशन वितरण कराने के लिए एक मई की तिथि तय की है। इस दौरान लोगों को गेहूं और चावल दिया जाना है। उधर, महानगर में तीन कोरोना पॉजिटिव केस मिलने के बाद ओरछा गेट, छनियापुरा, खुशीपुरा, तालपुरा, ओरछा गेट अंदर और बाहर, कसाई मंडी, तलैया, कुष्टयाना, सुभाषगंज, पंडयाना, धुबियाना, रानीमहल, बकरामंडी, सागर गेट समेत तमाम इलाके सील हैं। इन इलाकों में लोगों के घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। ऐसे में यहां राशन का वितरण बड़ी चुनौती बनेगा। इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कार्डधारक हैं। साथ ही घनी आबादी क्षेत्र में राशन का वितरण कराने के लिए सबसे ज्यादा दुकानें हैं। ऐसे में एक मई से लोगों को किस तरह राशन मिलेगा। इस पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया जा सका है। क्षेत्र के तमाम लोगों में इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तमाम परिवार ऐसे हैं, जो सरकारी राशन पर निर्भर हैं। ऐसे में उन परिवारों को राशन देने की प्रशासन को व्यवस्था करनी चाहिए। डीएसओ तीर्थराज यादव ने बताया कि हॉटस्पॉट क्षेत्र में राशन वितरण को लेकर रणनीति बनाई जा रही है। उच्चाधिकारियों के साथ बैठक होनी है। अगर कोई रियायत नहीं मिलती है, तो डोर स्टेप डिलीवरी ही कराई जाएगी।