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रंजिश की लड़ाई में दुष्कर्म बन रहा बड़ा हथियार, 182 के खिलाफ कार्रवाई के लिए अदालत में भेज दी रिपोर्ट
Tue, 19 Jan 2021 01:47 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jan 2021 01:47 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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रंजिश की लड़ाई में दुष्कर्म बड़ा हथियार बनकर सामने आया है। जिले में दुष्कर्म की घटनाओं में पुलिस ने ढाई साल में 61 मामलों में एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी है। जांच के दौरान रंजिश की बात सामने आई है। जिसके चलते मुकदमा दर्ज कराया था। अब पुलिस झूठी शिकायत दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई करने का जा रहा है। सभी पर 182 की कार्रवाई के लिए अदालत में रिपोर्ट भेज दी गई है।
जिले में महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन साथ में चौंकाने वाली बात यह भी है कि पुलिस की पड़ताल में अधिकांश मामले फर्जी भी निकल रहे हैं। रंजिश निकालने और लंबी सजा दिलाने की गरज से दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में रंजिश की बात सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक तीन साल में सभी थानों में 268 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं। लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो ढाई साल के मामलों में 61 मुकदमे फर्जी पाए गए।
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पुलिस ने 61 मामलों में एफआर लगा दी है। पुलिस के अनुसार छानबीन में निकल कर आया है कि ज्यादातर मुकदमे विपक्षियों पर दबाव बनाने के लिए दर्ज कराए जाते हैं। जब मुकदमा दर्ज हो जाता है तो समझौते के नाम पर मोटी रकम लेकर समझौता कर लिया जाता है। जिससे अपराध का रिकार्ड तो बढ़ जाता है, लेकिन मुकदमा फर्जी पाया जाता है।
पुलिस वालों की भी हुई शिकायतें
दुष्कर्म के मामलों में जांच के दौरान फाइनल रिपोर्ट लगाने वाले दरोगाओं की शिकायत भी पुलिस अधिकारियों के पास हुई। कुछ महिलाओं ने रुपये मांगने के आरोप भी लगाए। झूठी शिकायत अधिकारियों के सामने बेअसर रही।
जांच में जो भी मुकदमे फर्जी पाए गए हैं, अब इन मामलों में पुलिस अदालत से 182 की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराएगी। इसके लिए सभी मामलों में रिपोर्ट बनाकर अदालत भेज दी गई है। इसके लिए थानेदारों को भी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी
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जिले में महिलाओं के प्रति अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन साथ में चौंकाने वाली बात यह भी है कि पुलिस की पड़ताल में अधिकांश मामले फर्जी भी निकल रहे हैं। रंजिश निकालने और लंबी सजा दिलाने की गरज से दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में रंजिश की बात सामने आई है।
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पुलिस के मुताबिक तीन साल में सभी थानों में 268 दुष्कर्म के मामले दर्ज हुए हैं। लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो ढाई साल के मामलों में 61 मुकदमे फर्जी पाए गए।
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पुलिस ने 61 मामलों में एफआर लगा दी है। पुलिस के अनुसार छानबीन में निकल कर आया है कि ज्यादातर मुकदमे विपक्षियों पर दबाव बनाने के लिए दर्ज कराए जाते हैं। जब मुकदमा दर्ज हो जाता है तो समझौते के नाम पर मोटी रकम लेकर समझौता कर लिया जाता है। जिससे अपराध का रिकार्ड तो बढ़ जाता है, लेकिन मुकदमा फर्जी पाया जाता है।
पुलिस वालों की भी हुई शिकायतें
दुष्कर्म के मामलों में जांच के दौरान फाइनल रिपोर्ट लगाने वाले दरोगाओं की शिकायत भी पुलिस अधिकारियों के पास हुई। कुछ महिलाओं ने रुपये मांगने के आरोप भी लगाए। झूठी शिकायत अधिकारियों के सामने बेअसर रही।
जांच में जो भी मुकदमे फर्जी पाए गए हैं, अब इन मामलों में पुलिस अदालत से 182 की धारा के तहत मुकदमा दर्ज कराएगी। इसके लिए सभी मामलों में रिपोर्ट बनाकर अदालत भेज दी गई है। इसके लिए थानेदारों को भी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी