{"_id":"0b8cd8e124a2bd0a0bb9f081b2212621","slug":"ramleela-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राम ने किया धनुष भंग, गरजे परशुराम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राम ने किया धनुष भंग, गरजे परशुराम
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:44 AM IST
विज्ञापन
झांसी। सदर बाजार में चल रही राम लीला में बुधवार को धनुष यज्ञ का मंचन
विज्ञापन
हुआ, जिसमें राम द्वारा धनुष भंग करने से क्रोधित परशुराम को भगवान राम
अपने सुदर्शन रूप के दर्शन कराते है।
धनुष यज्ञ अवसर पर महाराज जनक घोषणा करते हैं कि जो वीर भगवान शिव के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उससे वह अपनी पुत्री सीता का विवाह करा देंगे। स्वयंवर में क ई क्षत्रिय राजा धनुष को हिला तक नहीं पाते हैं, ऐसे में जनक उलाहना देते हैं कि क्या कोई वीर नहीं इस धरती पर जो शिव धनुष को हिला भी सके। ऐसे में विश्वामित्र क ी आज्ञा पर राम शिव धनुष को भंग कर देते हैं। धनुष भंग की गर्जना से महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्यारत परशुराम क्रोधित होकर जनक दरबार में पहुंचते हैं, जहां उनका लक्ष्मण से विवाद होता है। विवाद गंभीर होता देख भगवान राम परशुराम को अपने सुदर्शन रूप के दर्शन कराते हैं। दर्शन पश्चात भाव विह्वल परशुराम वापस महेंद्र गिरी पर्वत लौट जाते हैं।
मंचन में अर्पित मुखरैया ने राम की भूमिका निभाई। जबकि, पुनीत मुखरैया लक्ष्मण, सीता अंश तिवारी, जनक गगन जैन, परशुराम राम बिहारी मुखरैया, रावण किशन त्रिपाठी व बाणासुर की भरत लाक्षाकार ने भूमिका अदा की। इस अवसर पर निर्देशक शांतनु पांडेय, एनडी सेन, नरेंद्र कौशिक, मुकेश जैन, अजय कक्कड़, मोहित मिश्रा, अर्जुन यादव, महेश पांडेय, कोमल जैन, राघवेंद्र राय, सुनील बंसल आदि मौजूद रहे।
धनुष यज्ञ अवसर पर महाराज जनक घोषणा करते हैं कि जो वीर भगवान शिव के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ा देगा, उससे वह अपनी पुत्री सीता का विवाह करा देंगे। स्वयंवर में क ई क्षत्रिय राजा धनुष को हिला तक नहीं पाते हैं, ऐसे में जनक उलाहना देते हैं कि क्या कोई वीर नहीं इस धरती पर जो शिव धनुष को हिला भी सके। ऐसे में विश्वामित्र क ी आज्ञा पर राम शिव धनुष को भंग कर देते हैं। धनुष भंग की गर्जना से महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्यारत परशुराम क्रोधित होकर जनक दरबार में पहुंचते हैं, जहां उनका लक्ष्मण से विवाद होता है। विवाद गंभीर होता देख भगवान राम परशुराम को अपने सुदर्शन रूप के दर्शन कराते हैं। दर्शन पश्चात भाव विह्वल परशुराम वापस महेंद्र गिरी पर्वत लौट जाते हैं।
मंचन में अर्पित मुखरैया ने राम की भूमिका निभाई। जबकि, पुनीत मुखरैया लक्ष्मण, सीता अंश तिवारी, जनक गगन जैन, परशुराम राम बिहारी मुखरैया, रावण किशन त्रिपाठी व बाणासुर की भरत लाक्षाकार ने भूमिका अदा की। इस अवसर पर निर्देशक शांतनु पांडेय, एनडी सेन, नरेंद्र कौशिक, मुकेश जैन, अजय कक्कड़, मोहित मिश्रा, अर्जुन यादव, महेश पांडेय, कोमल जैन, राघवेंद्र राय, सुनील बंसल आदि मौजूद रहे।