फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   ramjan ki pehli savkdr, ghro me jagkar kre ivadat

रमजान की पहली शबेकद्र आज, घरों में जागकर करें इबादत

Thu, 14 May 2020 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 May 2020 01:09 AM IST
विज्ञापन
ramjan ki pehli savkdr, ghro me jagkar kre ivadat
रोजा इफ्तार के वाद मगरिव की नमाज में दुआ मांगती महिलाएं।
रमजान की पहली शबेकद्र आज, घरों में जागकर करें इबादत
विज्ञापन

झांसी। रमजानुल मुबारक के आखिरी अशरे में गुरुवार से रोजेदार एतकाफ पर बैठेंगे। यह लोग ईद का चांद निकलने के बाद ही मस्जिद से बाहर आते हैं। इसके अलावा इस अशरे में पांच ताक यानी नक्की रातें आती हैं। इन रातों को जागकर इबादत करने का सवाब हजार रातों के बराबर मिलता है। इस अशरे को जहन्नुम से निजात का भी कहते हैं। उलमा ने कहा कि इसलाम में शबेकद्र की बहुत ही अहमियत है। पहली शबेकद्र 20वें रोजे की रात को है। इसलिए घरों में मर्द और औरतें जागकर नफिल नमाजें, तिलावत और तसबीह पढ़कर अल्लाह से कोरोना वायरस से सभी को महफूज रखने, सभी की परेशानियों को दूर करने, बीमारों को शिफा देने की दुआ करें।
मुफ्ती साबिर कासमी ने कहा कि रमजान के आखिरी अशरे में 21, 23, 25, 27 और 29 की रातों में शबेकद्र होती हैं। इनकी बहुत ही फजीलत इसलाम में बताई गई है। अल्लाह के नबी भी इन रातों में जागकर इबादत करते थे। इन रातों में रोजेदारों की दुआएं भी कुबूल होतीं हैं। पहले तो मस्जिदों में शबेकद्र के लिए एहतेमाम किया जाता था लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन है। मस्जिदें भी बंद हैं। कुछ मस्जिदों में ही इमाम और मोअज्जिन ही नमाज पढ़ रहे हैं। सारी इबादतें घरों में ही हो रही हैं तो शबेकद्र पर भी घरों में ही इबादत करें। उन्होंने कहा कि देश ही नहीं पूरी दुनिया में बीमारी की वजह से लोग परेशान हैं। इसलिए इसके खात्मे के लिए सभी लोग दुआ करें।
विज्ञापन

मुफ्ती इमरान नदवी ने कहा कि अल्लाह ने इन ताक रातों में ही कुरान नाजिल किया था। इन रातों को अल्लाह के नबी भी कुरान की तिलावत और नफिल नमाज पढ़ते थे। इसलिए सभी लोग इन रातों को ज्यादा से ज्यादा इबादत करें। उन्होंने कहा कि रातों में जागकर इबादत के साथ अल्लाह से खूब दुआ भी मांगनी चाहिए। इस बार एतकाफ में भी बहुत ही कम लोग बैठ पाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed