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भाईचारे को बढ़ाता है राम चरित मानस
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भाईचारे को बढ़ाता है राम चरित मानस
झांसी। बनारस के मानव विद्वान रीतेश जी ने कहा कि आज समाज को राम चरित मानस की आवश्यकता है। क्योंकि यह आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। भगवान राम का स्मरण परिवार में स्नेह को बढ़ाता है।
गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर अग्रवाल धर्मशाला में श्री राम चरित मानस प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि विश्व में जगह - जगह हिंसा की प्रवृति बढ़ रही है। सगे भाई एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। इसे दूर करने के लिए आवश्यकता है कि राम चरित मानस को पढे़ं और उसके संदेश को आत्मसात करें। भगवान राम ने अपने माता-पिता की आज्ञाओं का पालन किया। गुरुजनों की सेवा की और भाइयों के साथ प्रेम एवं सौहार्द का संबंध रखा। संपूर्ण मानस शांति का संदेश देती है। गोस्वामी तुलसीदास की राम कथा आज दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना चुकी है। जरूरत है कि समाज रामकथा संदेश को आत्मसात करें। ब्रह्मचारी महावीर दास ब्रह्मचारी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीराम चरित मानस बुंदेलखंड की देन है। जो लोक भावनाओं को प्रस्तुत करती है। भगवान राम ने बुंदेलखंड में अपने वनवास के कई साल बिताए। गोस्वामी तुलसीदास जी का भी जनम बुंदेलखंड में हुआ और चित्रकूट में वह रहे। धार्मिक कार्यक्रम अवसर पर अशोक पाराशर द्वारा रचित काव्य खंड अवतरण का विमोचन भी हुआ। इस अवसर पर अरुण मानस आदि मौजूद रहे।
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झांसी। बनारस के मानव विद्वान रीतेश जी ने कहा कि आज समाज को राम चरित मानस की आवश्यकता है। क्योंकि यह आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। भगवान राम का स्मरण परिवार में स्नेह को बढ़ाता है।
गोस्वामी तुलसीदास जयंती पर अग्रवाल धर्मशाला में श्री राम चरित मानस प्रचारिणी समिति के तत्वावधान में आयोजित समारोह में बृहस्पतिवार को उन्होंने कहा कि विश्व में जगह - जगह हिंसा की प्रवृति बढ़ रही है। सगे भाई एक दूसरे से दूर होते जा रहे हैं। इसे दूर करने के लिए आवश्यकता है कि राम चरित मानस को पढे़ं और उसके संदेश को आत्मसात करें। भगवान राम ने अपने माता-पिता की आज्ञाओं का पालन किया। गुरुजनों की सेवा की और भाइयों के साथ प्रेम एवं सौहार्द का संबंध रखा। संपूर्ण मानस शांति का संदेश देती है। गोस्वामी तुलसीदास की राम कथा आज दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना चुकी है। जरूरत है कि समाज रामकथा संदेश को आत्मसात करें। ब्रह्मचारी महावीर दास ब्रह्मचारी ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीराम चरित मानस बुंदेलखंड की देन है। जो लोक भावनाओं को प्रस्तुत करती है। भगवान राम ने बुंदेलखंड में अपने वनवास के कई साल बिताए। गोस्वामी तुलसीदास जी का भी जनम बुंदेलखंड में हुआ और चित्रकूट में वह रहे। धार्मिक कार्यक्रम अवसर पर अशोक पाराशर द्वारा रचित काव्य खंड अवतरण का विमोचन भी हुआ। इस अवसर पर अरुण मानस आदि मौजूद रहे।
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