फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Railways has thrown out old technology, high speed network will be covered on the track

Jhansi News: पुरानी तकनीक को रेलवे ने किया बाहर, ट्रैक पर होगा हाईस्पीड नेटवर्क का कवच

Sat, 17 Feb 2024 03:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Feb 2024 03:12 AM IST
विज्ञापन
Railways has thrown out old technology, high speed network will be covered on the track
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

झांसी। रेल मंडल के मुख्य रेलमार्ग पर कवच तकनीक को बीते वित्त वर्ष में मंजूरी मिली थी, लेकिन काम शुरू होने से पहले ही नई तकनीक ने दस्तक दे दी। इसके बाद पुराने प्रोजेक्ट को रेलवे ने किनारे कर दिया है। अब धौलपुर-बीना के बीच वीओएलटीई नेटवर्क के टावर बनाए जाएंगे। इसको लेकर मंडल के एसएनटी विभाग ने सर्वे पूरा कर प्रोजेक्ट मुख्यालय को भेज दिया है।
मिशन गतिशक्ति के तहत झांसी रेल मंडल के प्रमुख रेलमार्ग धौलपुर-बीना (320 किलोमीटर) ट्रैक की राइडिंग क्वालिटी में सुधार कर ट्रेन की रफ्तार 130 से अधिकतम 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने का लक्ष्य है। ऐसे में रेल सुरक्षा को देखते हुए इस ट्रैक को स्वचलित ट्रेन टक्कर सुरक्षा प्रणाली यानी कवच से सुरक्षा प्रदान की जानी है। बीते वित्तीय वर्ष में रेलवे बोर्ड ने लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। लेकिन, अब इस प्रोजेक्ट पर विराम लग गया है। ऐसा इसलिए किया गया है कि अब पूरे ट्रैक को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए पुराने थ्री जी नेटवर्क अपग्रेड किया जा रहा है। इसको लेकर मंडल ने नया प्रोजेक्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। अब वीओएलटीई (वॉइस ओवर लाॅंगटर्म इवोल्यूशन) नेटवर्क पर कवच डिवाइस काम करेगी।
विज्ञापन

--
- प्रत्येक सेक्शन पर बनेगा टावर
कवच प्रणाली में नेटवर्क की बाधा उत्पन्न न हो इसके लिए 320 किलोमीटर लंबे ट्रैक के किनारे प्रत्येक सेक्शन पर वीओएलटीई नेटवर्क टावर बनाया जाएगा। जिसे रेलटेल इंटरनेट प्रदान करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
- ऐसे काम करता है वीओएलटीई नेटवर्क
वीओएलटीई नेटवर्क अन्य नेटवर्क की अपेक्षा काफी तेज इंटरनेट स्पीड प्रदान करता है। इसमें खास बात यह भी है कि किसी भी तरह की बाधा आने पर ट्रेन में लगी कवच डिवाइस से इंटरनेट कनेक्शन नहीं टूटेगा। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि जब हमारे मोबाइल फोन पर कोई कॉल आती है तो इंटरनेट बंद हो जाता है लेकिन, वीओएलटीई नेटवर्क पर मोबाइल इंटरनेट चल रहा है तो कॉल आने पर भी इंटरनेट चलता रहेगा।

--
वर्जन
पुरानी प्रणाली के स्थान पर अब मंडल के धौलपुर-बीना रेलखंड में नई तकनीक से कवच स्थापित किया जाएगा। सर्वे के बाद नया प्रस्ताव मुख्यालय को भेज दिया गया है।
मनोज कुमार सिंह, मंडल रेल जनसंपर्क अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed