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रेलवे पार्किंग स्टैंड का किराया हुआ दोगुना
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 29 May 2015 02:16 AM IST
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झांसी। रेलवे प्रशासन ने बृहस्पतिवार से स्टेशन पर वाहन स्टैंडों के किराए में इजाफा कर दिया है। लोगों को अब इन स्टैंडों पर वाहन खड़ा करने को दुगने दाम अदा करने होंगे।
रेलवे स्टेशन पर पांच वाहन स्टैंड (रेलवे परिसर, रेलवे कोर्ट के बगल, जीआरपी थाने के सामने, वेतन कार्यालय के पास व पश्चिमी बुकिंग खिड़की के पास ) हैं। इन स्टैंडों पर अभी 24 घंटे के लिए साइकिल खड़ा करने के लिए तीन रुपये, मोटर साइकिल/ स्कूटर खड़ा करने के पांच रुपये व कार खड़ा करने के दस रुपये अदा करने पड़ते थे। 24 घंटे से अधिक समय होने पर किराया दुगना हो जाता था। इसी तरह एमसीटी रेल कर्मचारियों को मासिक साइकिल खड़ा करने के पच्चीस रुपये व मोटर साइकिल/ स्कूटर पर 45 रुपये अदा करने पड़ते थे। आम लोगों के लिए यह रेट क्रमश: पच्चीस व नब्बे रूपये थे। अभी इन स्टैंडों का ठेका प्रमोद समाधिया नामक व्यक्ति के नाम से आवंटित था। मगर इस माह तीन साल का समय पूरा होने के बाद छह माह एक्सटेंशन की अवधि भी पूरी हो रही थी। इस कारण रेल प्रशासन को आनन- फानन में तीन माह के कुटेशन पर नए ठेकेदार समीर खान को यह ठेका देना पड़ा। शुक्रवार को रात भर चली कार्रवाई के बाद नए ठेकेदार को सभी वाहन स्टैंड सौंप दिए गए।
वहीं, रेल प्रशासन ने बृहस्पतिवार से रेटों में भी इजाफा कर दिया। 24 घंटे तक साइकिल के लिए अब पांच रुपये, मोटर साइकिल/ स्कूटर के लिए दस रुपये व कार के लिए बीस रुपये अदा करने होंगे। इसके अलावा एमएसटी धारक रेल कर्मचारियों को साइकिल पर पचास रुपये व मोटर साइकिल पर एक सौ रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह आम व्यक्ति को क्रमश: पचास रुपये व डेढ़ सौ रुपये अदा करने होंगे।
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शर्तें पूरी न होने से निरस्त हो गई टेंडर प्रक्रिया
पिछले दिनों रेल प्रशासन ने वाहन स्टैंडों का नया ठेका अगले तीन साल तक देने के लिए विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया कराई थी। सबसे अधिक रेट 83 लाख रुपये वार्षिक एक ठेकेदार ने डाले थे। रेट के आधार पर ठेके उसके नाम हो गया। मगर प्रपत्रों की जांच में वह खरा नहीं उतर सका। यही हाल अन्य ठेकेदारों का था। इस कारण रेल प्रशासन को टेंडर प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। फिलहाल अभी रेल प्रशासन ने तीन माह के लिए कोटेशन पर ठेका दे दिया है। बदले में संबंधित ठेकेदार को 24 लाख रुपये राजस्व जमा करना होगा।
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रेलवे स्टेशन पर पांच वाहन स्टैंड (रेलवे परिसर, रेलवे कोर्ट के बगल, जीआरपी थाने के सामने, वेतन कार्यालय के पास व पश्चिमी बुकिंग खिड़की के पास ) हैं। इन स्टैंडों पर अभी 24 घंटे के लिए साइकिल खड़ा करने के लिए तीन रुपये, मोटर साइकिल/ स्कूटर खड़ा करने के पांच रुपये व कार खड़ा करने के दस रुपये अदा करने पड़ते थे। 24 घंटे से अधिक समय होने पर किराया दुगना हो जाता था। इसी तरह एमसीटी रेल कर्मचारियों को मासिक साइकिल खड़ा करने के पच्चीस रुपये व मोटर साइकिल/ स्कूटर पर 45 रुपये अदा करने पड़ते थे। आम लोगों के लिए यह रेट क्रमश: पच्चीस व नब्बे रूपये थे। अभी इन स्टैंडों का ठेका प्रमोद समाधिया नामक व्यक्ति के नाम से आवंटित था। मगर इस माह तीन साल का समय पूरा होने के बाद छह माह एक्सटेंशन की अवधि भी पूरी हो रही थी। इस कारण रेल प्रशासन को आनन- फानन में तीन माह के कुटेशन पर नए ठेकेदार समीर खान को यह ठेका देना पड़ा। शुक्रवार को रात भर चली कार्रवाई के बाद नए ठेकेदार को सभी वाहन स्टैंड सौंप दिए गए।
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वहीं, रेल प्रशासन ने बृहस्पतिवार से रेटों में भी इजाफा कर दिया। 24 घंटे तक साइकिल के लिए अब पांच रुपये, मोटर साइकिल/ स्कूटर के लिए दस रुपये व कार के लिए बीस रुपये अदा करने होंगे। इसके अलावा एमएसटी धारक रेल कर्मचारियों को साइकिल पर पचास रुपये व मोटर साइकिल पर एक सौ रुपये अदा करने होंगे। इसी तरह आम व्यक्ति को क्रमश: पचास रुपये व डेढ़ सौ रुपये अदा करने होंगे।
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शर्तें पूरी न होने से निरस्त हो गई टेंडर प्रक्रिया
पिछले दिनों रेल प्रशासन ने वाहन स्टैंडों का नया ठेका अगले तीन साल तक देने के लिए विभागीय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया कराई थी। सबसे अधिक रेट 83 लाख रुपये वार्षिक एक ठेकेदार ने डाले थे। रेट के आधार पर ठेके उसके नाम हो गया। मगर प्रपत्रों की जांच में वह खरा नहीं उतर सका। यही हाल अन्य ठेकेदारों का था। इस कारण रेल प्रशासन को टेंडर प्रक्रिया निरस्त करनी पड़ी। फिलहाल अभी रेल प्रशासन ने तीन माह के लिए कोटेशन पर ठेका दे दिया है। बदले में संबंधित ठेकेदार को 24 लाख रुपये राजस्व जमा करना होगा।