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डंपर की चपेट में आने से रेलवे के टीटीई की मौत
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झांसी। सीपरी बाजार थाना इलाके में सोमवार की सुबह डंपर की चपेट में आने से रेलवे के टीटीई की मौत हो गई। हादसा पहूज नदी के पास लगने वाली सब्जी मंडी में हुआ।
मसीहा गंज कलसी का बगीचा निवासी सुनील श्रीवास (36) रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत थे। सोमवार की सुबह तकरीबन नौ बजे वह घर से पहूज नदी के पास लगने वाली सब्जी मंडी में सब्जी लेने के लिए निकले थे। यहां एक ठेले पर वह सब्जी की खरीदारी कर रहे थे। पास में ढाल पर एक डंपर बैक (पीछे) हो रहा था। सुनील उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास जमा लोगों ने मशक्कत के बाद उन्हें डंपर के नीचे से निकाला। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिये परिजनों को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुनील की 12 साल पहले नीतू से शादी हुई थी। उनके दो बेटे गौरांश (10) व सुभांश (7) हैं।
पिता ने काबिल बनाया था
झांसी। मृतक सुनील श्रीवास के पिता जगदीश श्रीवास साहनी कॉलोनी में कपड़ों में प्रेस करने का काम करते हैं। उनका छोटा बेटा अनिल आईटीबीपी में जवान है। परिजनों ने बताया कि पिता ने बड़ी ही मशक्कत से अपने दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया। दोनों बेटों की सरकारी नौकरी लगने के बाद भी पिता कपड़ों में प्रेस करने का काम करते हैं।
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अवैध मंडी से बाधित रहता है आवागमन
झांसी। पहूज के पास मुख्य सड़क पर सुबह और शाम सब्जी मंडी लग जाती है। सड़क के दोनों ओर दर्जनों की संख्या में ठेले खड़े हो जाते हैं। ग्राहकों की भी भीड़ रहती है। इससे दिन में कई बार सड़क का यातायात प्रभावित होता है। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। पुलिस द्वारा यहां से सब्जी विक्रेताओं को कई बार हटाया जा चुका है, बावजूद इसके वे फिर से जमा हो जाते हैं।
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मसीहा गंज कलसी का बगीचा निवासी सुनील श्रीवास (36) रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत थे। सोमवार की सुबह तकरीबन नौ बजे वह घर से पहूज नदी के पास लगने वाली सब्जी मंडी में सब्जी लेने के लिए निकले थे। यहां एक ठेले पर वह सब्जी की खरीदारी कर रहे थे। पास में ढाल पर एक डंपर बैक (पीछे) हो रहा था। सुनील उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास जमा लोगों ने मशक्कत के बाद उन्हें डंपर के नीचे से निकाला। मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड के जरिये परिजनों को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुनील की 12 साल पहले नीतू से शादी हुई थी। उनके दो बेटे गौरांश (10) व सुभांश (7) हैं।
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पिता ने काबिल बनाया था
झांसी। मृतक सुनील श्रीवास के पिता जगदीश श्रीवास साहनी कॉलोनी में कपड़ों में प्रेस करने का काम करते हैं। उनका छोटा बेटा अनिल आईटीबीपी में जवान है। परिजनों ने बताया कि पिता ने बड़ी ही मशक्कत से अपने दोनों बेटों को पढ़ा-लिखाकर काबिल बनाया। दोनों बेटों की सरकारी नौकरी लगने के बाद भी पिता कपड़ों में प्रेस करने का काम करते हैं।
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अवैध मंडी से बाधित रहता है आवागमन
झांसी। पहूज के पास मुख्य सड़क पर सुबह और शाम सब्जी मंडी लग जाती है। सड़क के दोनों ओर दर्जनों की संख्या में ठेले खड़े हो जाते हैं। ग्राहकों की भी भीड़ रहती है। इससे दिन में कई बार सड़क का यातायात प्रभावित होता है। दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। पुलिस द्वारा यहां से सब्जी विक्रेताओं को कई बार हटाया जा चुका है, बावजूद इसके वे फिर से जमा हो जाते हैं।