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नकल माफियाओं के कॉलेजों में छापा
jhansi
Updated Fri, 18 Mar 2016 12:33 AM IST
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नकल माफियाओं के कॉलेजों में छापा
- फोटो : demo
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के निशाने पर बृहस्पतिवार को नकल माफिया रहे। बीयू द्वारा भेजे गए उड़ाका दल ने नकल कराने के ठेकेदारों के कॉलेजों में छापा मारा और वहीं बैठकर परीक्षा संपादित कराई।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अपने अंक में नकल माफियाओं पर उड़ाका दल के नरम रवैये की बात उजागर की थी। अभी तक मुख्य नकल माफियाओं के परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय द्वारा सख्ती नहीं की जा रही थी। अमर उजाला ने जालौन के एक बड़े नकल माफिया के खिलाफ जब खबर प्रकाशित की तब जाकर बीयू प्रशासन हरकत में आया।
बृहस्पतिवार को ही उड़ाका दलों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध नकल माफियाओं के कॉलेजों में छापेमारी के निर्देश दिए। जालौन के एक नकल माफिया का कुठौंद में कॉलेज हैं, जहां धड़ल्ले से छात्रों को नकल कराई जा रही थी। इसलिए वहीं पर उड़ाका दल पहुंच गया और बैठकर परीक्षा संपादित कराई। इसके अलावा बांदा का भी एक बड़ा नकल माफिया उड़ाका दल के निशाने पर रहा। वहां पर भी उड़ाका दल के सदस्य शाम पाली में तीन घंटे तक बैठे रहे। सूत्रों ने बताया कि नकल माफियाओं के कॉलेजों में छात्र नकल सामग्री अपने साथ लाए थे लेकिन उड़ाका दल के आने की सूचना मिलते ही नकल फेंक दी गईं। यदि आगे भी इसी तरह उड़ाका दल ने नकल माफिया पर शिकंजा कसा रहा, तो विश्वविद्यालय काफी हद तक नकल विहीन परीक्षा कराने में सफलता हासिल कर लेगा।
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शिकायत मिलते ही पहुंचेगा दल
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन केंद्रों पर नकल कराने की शिकायतें मिल रही हैं, अब वहां विशेष तौर पर उड़ाका दल को भेजा जाएगा। दल हर दिन वहां जाकर पूरे समय बैठा रहेगा और परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियां जमा कराने के बाद ही उठेगा।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अपने अंक में नकल माफियाओं पर उड़ाका दल के नरम रवैये की बात उजागर की थी। अभी तक मुख्य नकल माफियाओं के परीक्षा केंद्रों पर विश्वविद्यालय द्वारा सख्ती नहीं की जा रही थी। अमर उजाला ने जालौन के एक बड़े नकल माफिया के खिलाफ जब खबर प्रकाशित की तब जाकर बीयू प्रशासन हरकत में आया।
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बृहस्पतिवार को ही उड़ाका दलों में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध नकल माफियाओं के कॉलेजों में छापेमारी के निर्देश दिए। जालौन के एक नकल माफिया का कुठौंद में कॉलेज हैं, जहां धड़ल्ले से छात्रों को नकल कराई जा रही थी। इसलिए वहीं पर उड़ाका दल पहुंच गया और बैठकर परीक्षा संपादित कराई। इसके अलावा बांदा का भी एक बड़ा नकल माफिया उड़ाका दल के निशाने पर रहा। वहां पर भी उड़ाका दल के सदस्य शाम पाली में तीन घंटे तक बैठे रहे। सूत्रों ने बताया कि नकल माफियाओं के कॉलेजों में छात्र नकल सामग्री अपने साथ लाए थे लेकिन उड़ाका दल के आने की सूचना मिलते ही नकल फेंक दी गईं। यदि आगे भी इसी तरह उड़ाका दल ने नकल माफिया पर शिकंजा कसा रहा, तो विश्वविद्यालय काफी हद तक नकल विहीन परीक्षा कराने में सफलता हासिल कर लेगा।
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शिकायत मिलते ही पहुंचेगा दल
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि जिन केंद्रों पर नकल कराने की शिकायतें मिल रही हैं, अब वहां विशेष तौर पर उड़ाका दल को भेजा जाएगा। दल हर दिन वहां जाकर पूरे समय बैठा रहेगा और परीक्षा समाप्त होने के बाद कॉपियां जमा कराने के बाद ही उठेगा।