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Jhansi News: आइकोनिक सड़क के काम पर उठाए सवाल, पार्षदों ने खुद सैंपल भर जांच के लिए सौंपे
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झांसी। इलाइट चौराहे से मेडिकल कॉलेज तक बन रही दूसरी आइकोनिक सड़क के कार्य की गुणवत्ता पर ही पार्षदों ने सवाल उठा दिए हैं। रिसाला चुंगी के पास से कई पार्षद आइकोनिक सड़क के ईंट, मसाले का सैंपल खुद भर ले आए और चीफ इंजीनियर को सौंपकर जांच कराने की बात कही। इस पर मुख्य अभियंता ने सैंपल जांच के लिए बीआईईटी भेज दिए।
महानगर में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मेडिकल कॉलेज तक अलग-अलग पैच में करीब नौ करोड़ से आइकोनिक सड़क बनी है। अब इलाइट चौराहे से मेडिकल कॉलेज तक पैच में दूसरी आइकोनिक सड़क बनाई जा रही है। 15वें वित्त आयोग से मिले बजट से 10 करोड़ रुपये इस साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क पर खर्च होने हैं। 24 दिसंबर को मेयर बिहारी लाल आर्य ने इस सड़क का शिलान्यास किया था। बताया गया कि सड़क निर्माण का काम शुरू ही हुआ है कि भाजपा समेत अन्य दल के पार्षद ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। पार्षद प्रदीप खटीक, कामेश अहिरवार, आशीष रायकवार आदि रिसाला चुंगी के पास से आइकोनिक सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली ईंट और मसाले का सैंपल खुद ही भर ले आए। पार्षदों ने नगर निगम में मुख्य अभियंता को ये सैंपल दिया। सामूहिक शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि आइकोनिक सड़क में खराब ईंट का इस्तेमाल हो रहा है। तय मानक से कम मसाला बनाया गया है। साथ ही कार्य सीमेंट की जगह डस्ट से कराया जा रहा है। पार्षद मांग करने लगे की जो सैंपल वो लेकर आए हैं, उसकी जांच की जाए। इसके बाद ईंट, मसाले का सैंपल जांच के लिए बीआईईटी की लैब में भेज दिया गया।
कुछ पार्षद ईंट, मसाले का सैंपल लेकर आए थे और कह रहे थे कि रिसाला चुंगी के पास शुरू हुए आइकोनिक सड़क के कार्य का है। इन सैंपल को जांच के लिए बीआईईटी भेज दिया गया है। - एसके सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।
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महानगर में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मेडिकल कॉलेज तक अलग-अलग पैच में करीब नौ करोड़ से आइकोनिक सड़क बनी है। अब इलाइट चौराहे से मेडिकल कॉलेज तक पैच में दूसरी आइकोनिक सड़क बनाई जा रही है। 15वें वित्त आयोग से मिले बजट से 10 करोड़ रुपये इस साढ़े तीन किलोमीटर की सड़क पर खर्च होने हैं। 24 दिसंबर को मेयर बिहारी लाल आर्य ने इस सड़क का शिलान्यास किया था। बताया गया कि सड़क निर्माण का काम शुरू ही हुआ है कि भाजपा समेत अन्य दल के पार्षद ने इसकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए। पार्षद प्रदीप खटीक, कामेश अहिरवार, आशीष रायकवार आदि रिसाला चुंगी के पास से आइकोनिक सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाली ईंट और मसाले का सैंपल खुद ही भर ले आए। पार्षदों ने नगर निगम में मुख्य अभियंता को ये सैंपल दिया। सामूहिक शिकायती पत्र सौंपकर आरोप लगाया कि आइकोनिक सड़क में खराब ईंट का इस्तेमाल हो रहा है। तय मानक से कम मसाला बनाया गया है। साथ ही कार्य सीमेंट की जगह डस्ट से कराया जा रहा है। पार्षद मांग करने लगे की जो सैंपल वो लेकर आए हैं, उसकी जांच की जाए। इसके बाद ईंट, मसाले का सैंपल जांच के लिए बीआईईटी की लैब में भेज दिया गया।
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कुछ पार्षद ईंट, मसाले का सैंपल लेकर आए थे और कह रहे थे कि रिसाला चुंगी के पास शुरू हुए आइकोनिक सड़क के कार्य का है। इन सैंपल को जांच के लिए बीआईईटी भेज दिया गया है। - एसके सिंह, मुख्य अभियंता, नगर निगम।
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