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गर्मी की दस्तक, प्यास से हांफ रहे प्याऊ
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झांसी। मौसम में आए बदलाव के साथ ही गर्मी शुरू हो गई है। महानगर में बनाए गए प्याऊ खुद प्यास से हांफ रहे हैं। सामाजिक संस्थाओं द्वारा बनवाए प्याऊ का रखरखाव नहीं होने से कहीं टोंटी टूट गई है, तो कहीं टंकी टूटी पड़ी है। प्याऊ के संचालन को लेकर नगर निगम और जल संस्थान कोई पहल नहीं कर रहा है। ऐसे में लोगों की दिक्कत बढ़ रही है।
पंचकुइयां मंदिर के सामने एक सामाजिक संस्था ने प्याऊ का निर्माण कराया था, लेकिन प्याऊ दो साल से बदहाल है। यहां लगी टोंटियां टूट गई हैं। न तो इसकी सफ ाई हो रही है और न मरम्मत। इसके ऊपर लगी टंकी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
इलाइट चौराहा पर लोगों और व्यापारियों की सहूलियत के लिए नगर निगम द्वारा बनवाया प्याऊ कुछ समय तक तो ठीक चला, अब यह अनदेखी का शिकार हो गया है। यहां लगी टंकी टूटी पड़ी है। प्याऊ की कभी सफाई नहीं होती। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बाजार के पास एक हैंडपंप लगा है, वह भी बदबूदार पानी देता है। ऐसे में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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अस्थाई प्याऊ के इंतजाम नहीं
नगर निगम हर साल महानगर में अस्थाई प्याऊ लगवाता है, लेकिन अब तक इसे लेकर भी पहल नहीं हुई है। इसके चलते सार्वजनिक स्थानों बस स्टैंड, बाजार समेत तमाम स्थानों पर राहगीरों और यात्रियों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
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लोग कहते हैं
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प्याऊ बना हुआ है, लेकिन दो साल से बंद है। टाेंटियां टूट गई हैं। नगर निगम ने कभी यहां पर सफाई नहीं करवाई। - अप्पू
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प्याऊ के चलते काफी सहूलियत मिलती थी। अब प्याऊ बंद हो गई, तो दुकान पर कनेक्शन लिया। यहां से सभी व्यापारी पानी लेते हैं। - संजय जायसवाल
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लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाए गए प्याऊ खुद प्यासे हैं। प्याऊ खराब होने से दिक्कत का सामना करना पड़ता है। - जितेंद्र साहू
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प्याऊ की देखरेख न तो संस्थाएं करती हैं और न ही नगर निगम की ओर से कोई पहल हो रही है। इससे परेशानी हो रही है। - प्रकाश
गर्मी बढ़ने लगी है। अस्थाई प्याऊ लगवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्थायी प्याऊ को भी सही कराया जाएगा।
- शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त
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पंचकुइयां मंदिर के सामने एक सामाजिक संस्था ने प्याऊ का निर्माण कराया था, लेकिन प्याऊ दो साल से बदहाल है। यहां लगी टोंटियां टूट गई हैं। न तो इसकी सफ ाई हो रही है और न मरम्मत। इसके ऊपर लगी टंकी भी क्षतिग्रस्त हो गई है। मंदिर पर आने वाले श्रद्धालुओं को पानी के लिए भटकना पड़ता है।
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इलाइट चौराहा पर लोगों और व्यापारियों की सहूलियत के लिए नगर निगम द्वारा बनवाया प्याऊ कुछ समय तक तो ठीक चला, अब यह अनदेखी का शिकार हो गया है। यहां लगी टंकी टूटी पड़ी है। प्याऊ की कभी सफाई नहीं होती। आसपास के दुकानदारों का कहना है कि बाजार के पास एक हैंडपंप लगा है, वह भी बदबूदार पानी देता है। ऐसे में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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अस्थाई प्याऊ के इंतजाम नहीं
नगर निगम हर साल महानगर में अस्थाई प्याऊ लगवाता है, लेकिन अब तक इसे लेकर भी पहल नहीं हुई है। इसके चलते सार्वजनिक स्थानों बस स्टैंड, बाजार समेत तमाम स्थानों पर राहगीरों और यात्रियों को पानी खरीदकर पीना पड़ता है।
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लोग कहते हैं
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प्याऊ बना हुआ है, लेकिन दो साल से बंद है। टाेंटियां टूट गई हैं। नगर निगम ने कभी यहां पर सफाई नहीं करवाई। - अप्पू
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प्याऊ के चलते काफी सहूलियत मिलती थी। अब प्याऊ बंद हो गई, तो दुकान पर कनेक्शन लिया। यहां से सभी व्यापारी पानी लेते हैं। - संजय जायसवाल
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लोगों की प्यास बुझाने के लिए बनाए गए प्याऊ खुद प्यासे हैं। प्याऊ खराब होने से दिक्कत का सामना करना पड़ता है। - जितेंद्र साहू
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प्याऊ की देखरेख न तो संस्थाएं करती हैं और न ही नगर निगम की ओर से कोई पहल हो रही है। इससे परेशानी हो रही है। - प्रकाश
गर्मी बढ़ने लगी है। अस्थाई प्याऊ लगवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया कराई जाएगी। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। स्थायी प्याऊ को भी सही कराया जाएगा।
- शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त