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पराली जलाने पर होगी दंडात्मक कार्रवाई : एसडीएम
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोंठ। बृहस्पतिवार को एसडीएम मोंठ मनीषा धार्वे ने तहसील सभागार में कृषि विभाग, पुलिस विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर पराली नहीं जलाई जानी चाहिए। पराली जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाने के साथ पुलिस की ओर से दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि दो एकड़ तक कृषि भूमि में पराली जलाने पर किसान से पांच हजार रुपये, दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक की भूमि में पराली जलाने पर 10 हजार रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में पराली जलाने पर अधिकतम अर्थदंड वसूला जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग द्वारा भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेष न जलाएं और पराली के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्था का लाभ उठाएं।
एसडीएम ने कहा कि जिन किसानों के खेतों में पराली पड़ी है, वे इसकी सूचना ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव या कृषि विभाग के अधिकारियों को दें। संबंधित विभागों के माध्यम से खेतों से पराली उठवाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली के निस्तारण में किसी प्रकार की परेशानी न हो और सूचना मिलने पर समय से आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने बताया कि पराली को गोशालाओं तक पहुंचाया जाएगा, जहां इसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जा सकेगा। पराली को खेतों से गोशालाओं तक ले जाने में होने वाला खर्च ग्राम पंचायत की ओर से वहन किया जाएगा। इससे किसानों को पराली के निस्तारण में सुविधा मिलेगी।
एसडीएम ने कृषि विभाग, पुलिस विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठक करें और उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दें। बीडीओ को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र की गोशालाओं संचालकों से समन्वय बनाकर रखें। गोशाला संचालक और संबंधित कर्मचारी खेतों का भ्रमण करें तथा किसानों से संवाद कर पराली उठवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
एसडीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई में लापरवाही न बरती जाए। बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी मोंठ सुनील कुमार शर्मा, तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ,नायाब तहसीलदार रणजीत सिंह सहित विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, कृषि विभाग और विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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मोंठ। बृहस्पतिवार को एसडीएम मोंठ मनीषा धार्वे ने तहसील सभागार में कृषि विभाग, पुलिस विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर पराली नहीं जलाई जानी चाहिए। पराली जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार अर्थदंड लगाने के साथ पुलिस की ओर से दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीएम ने कहा कि दो एकड़ तक कृषि भूमि में पराली जलाने पर किसान से पांच हजार रुपये, दो एकड़ से अधिक और पांच एकड़ तक की भूमि में पराली जलाने पर 10 हजार रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक क्षेत्र में पराली जलाने पर अधिकतम अर्थदंड वसूला जाएगा। इसके साथ ही पुलिस विभाग द्वारा भी नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में फसल अवशेष न जलाएं और पराली के निस्तारण के लिए प्रशासन की ओर से की जा रही व्यवस्था का लाभ उठाएं।
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एसडीएम ने कहा कि जिन किसानों के खेतों में पराली पड़ी है, वे इसकी सूचना ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव या कृषि विभाग के अधिकारियों को दें। संबंधित विभागों के माध्यम से खेतों से पराली उठवाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को पराली के निस्तारण में किसी प्रकार की परेशानी न हो और सूचना मिलने पर समय से आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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उन्होंने बताया कि पराली को गोशालाओं तक पहुंचाया जाएगा, जहां इसका उपयोग पशुओं के चारे के रूप में किया जा सकेगा। पराली को खेतों से गोशालाओं तक ले जाने में होने वाला खर्च ग्राम पंचायत की ओर से वहन किया जाएगा। इससे किसानों को पराली के निस्तारण में सुविधा मिलेगी।
एसडीएम ने कृषि विभाग, पुलिस विभाग और विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गांव-गांव जाकर किसानों के साथ बैठक करें और उन्हें पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दें। बीडीओ को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्र की गोशालाओं संचालकों से समन्वय बनाकर रखें। गोशाला संचालक और संबंधित कर्मचारी खेतों का भ्रमण करें तथा किसानों से संवाद कर पराली उठवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
एसडीएम ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पराली जलाने की घटनाओं पर लगातार निगरानी रखी जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों के विरुद्ध कार्रवाई में लापरवाही न बरती जाए। बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी मोंठ सुनील कुमार शर्मा, तहसीलदार ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ,नायाब तहसीलदार रणजीत सिंह सहित विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, कृषि विभाग और विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।