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Jhansi News: राज्यपाल के लोकार्पण के 14 माह बाद भी कंप्यूटर सेंटर ‘ऑफलाइन’

Fri, 30 Oct 2026 02:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2026 02:05 AM IST
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Computer center remains offline even 14 months after its inauguration by the Governor
झांसी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 14 महीने पहले जिस कंप्यूटर सेंटर का लोकार्पण किया था, वह अब तक ‘ऑफलाइन’ है। इतने महीने बीतने के बाद भी सेंटर में अब तक कंप्यूटर नहीं लगाए जा सके हैं। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चार करोड़ रुपये की लागत से बने कंप्यूटर सेंटर को शुरू होने का इंतजार है।
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बता दें कि 27 अगस्त 2025 को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भवन का लोकार्पण किया था। इसमें ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं से लेकर विद्यार्थियों की प्रायोगिक पढ़ाई और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाने थे। हालांकि तैयार भवन अब तक उपयोग में नहीं आ सका है। विश्वविद्यालय प्रशासन अब मार्च तक इसे चालू कराने की बात कह रहा है।
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सेंटर में 350 कंप्यूटर स्थापित किए जाने हैं। यहां बैंक पीओ, इंजीनियरिंग समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाएं ऑनलाइन कराने की योजना है। इसके अलावा बीटेक कंप्यूटर इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थी इसका उपयोग लैब के रूप में कर सकेंगे। फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम और ओपन लर्निंग प्रोग्राम भी संचालित किए जाने हैं। ऐसे में सेंटर शुरू होने में देरी से विश्वविद्यालय की इन योजनाओं को भी गति नहीं मिल पा रही है।
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लोकार्पण के बाद भी बंद रहा भवन
27 अगस्त 2025 को हुए लोकार्पण समारोह में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी और डीआरडीओ की महानिदेशक डॉ. चंद्रिका कौशिक समेत कई अतिथि मौजूद रहे थे। तब से यह भवन पड़ा था। अब बैटरियां आदि लगाने का काम किया जा रहा है।

मार्च तक चालू कराने की योजना
बीयू के संपत्ति प्रभारी प्रो. डीके भट्ट ने बताया कि चार करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में 350 कंप्यूटर लगाए जाने हैं। वहीं, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि राज्यपाल से कंप्यूटर सेंटर भवन का लोकार्पण कराया गया था, हालांकि सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो सका। उन्होंने मार्च तक इसे चालू कराने की योजना बताई।
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दो साल से बंद लिफ्ट, गड्ढे में डाला जा रहा सीवर
- शिक्षकों से वसूला जा रहा लिफ्ट और मेंटेनेंस शुल्क
- एसटीपी बंद होने से भूजल प्रदूषण का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) परिसर में रहने वाले शिक्षक और उनके परिजन बदहाल व्यवस्थाओं से परेशान हैं। आवासों में लगी लिफ्ट करीब दो साल से बंद है, लेकिन शिक्षकों से इसका शुल्क वसूला जा रहा है। वहीं, सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बंद होने से गंदे पानी का निस्तारण बड़े गड्ढे में किया जा रहा है। इससे भूजल प्रदूषित होने का खतरा बना हुआ है।
विश्वविद्यालय परिसर में बने आवासों में रहने वाले शिक्षकों से किराये के अलावा लिफ्ट और मेंटेनेंस शुल्क भी लिया जाता है। इसके बावजूद लिफ्ट लंबे समय से बंद पड़ी है। ऐसे में शिक्षकों और उनके परिजनों को सीढ़ियों से आना-जाना पड़ता है। बुजुर्गों और शारीरिक परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए यह अधिक मुश्किल है। कुछ माह पहले शिक्षकों ने लिफ्ट ठीक कराने के लिए पत्र भी दिया था। उस समय जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या अब तक दूर नहीं हुई।

एसटीपी की मरम्मत के बजाय नया बनवाने की तैयारी
आवासीय परिसर में सीवर के निस्तारण के लिए बनाया गया एसटीपी भी बंद है। इसके चलते सीवर का पानी बड़े गड्ढे में डाला जा रहा है। इससे आसपास की जमीन और भूजल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। सीवर निस्तारण की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से परिसर की स्वच्छता और पर्यावरण को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

बीयू के संपत्ति प्रभारी डॉ. डीके भट्ट ने बताया कि लिफ्ट को एक पखवाड़े के भीतर ठीक कराने का प्रयास किया जाएगा। एसटीपी के संबंध में उन्होंने कहा कि पुराने प्लांट की मरम्मत कराने के बजाय नया प्लांट बनवाया जाएगा।
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