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Jhansi News: सर्दी में बढ़ी हृदय रोगियों की मुसीबत, 24 घंटे में मिले 14 मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गलन भरी सर्दी हृदय रोगियों के लिए मुसीबत बन गई है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना हार्ट के 12-14 मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जा रहा है।
सर्द हवाएं चलने से गलन बढ़ गई है। हृदय रोगी समेत बीपी के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग, एनसीडी सेल फिजिशियन की ओपीडी में लगभग 250 मरीज आए। फिजिशियन विभाग में 100 मरीज पहुंचे। सीने में दर्द की समस्या पर आठ मरीजों की ईसीजी कराई गई, तीन में हार्ट की समस्या पाई गई। एनसीडी सेल स्थित ओपीडी में 46 मरीज उपचार कराने आए। ईसीजी जांच में चार मरीजों में हृदय की समस्या पाई गई।
मेडिकल कॉलेज की फिजिशियन डॉ. मंजुला सिंह ने बताया कि इन मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर बाहर महानगरों में जांच कराने की सलाह दी गई। एनसीडी सेल में फिजिशियन डॉ. नीलांजलि दुबे ने बताया कि बीपी व हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
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इमरजेंसी में आ रहे हार्ट के छह से आठ मरीज
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे में आठ सौ मरीज आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 15 से 20 मरीज सीने में दर्द की समस्या लेकर आ रहे हैं। इन मरीजों की ईसीजी जांच कराई जा रही है। छह से आठ मरीजों में हृदय रोग की समस्या प्रतीत होने पर ईको व अन्य जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
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मेडिकल कॉलेज में नहीं है अन्य जांच की सुविधा
मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग की जांच के लिए महज ईको जांच की सुविधा है। हृदय की गति की जांच के लिए ईको, एंजियोग्राफी समेत अन्य जांच की सुविधा नहीं है। मरीज में हार्ट अटैक होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। कई मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से समस्या बढ़ जाती है। समय पर उपचार न मिलने से कइयों की जान तक चली जाती है।
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ये है हृदय रोगियों की स्थिति
फिजिशियन विभाग - 100-120
एनसीडी सेल - 50- 60
हृदय विभाग - 40-50
इमरजेंसी - 30-40
कुल हृदय रोगी - 14-16
बीपी के मरीज - 80-100
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इस तरह रखें हृदय का ध्यान
- प्रतिदिन नियमित रूप से सुबह व्यायाम करें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखें।
- फास्ट फूड के सेवन से परहेज करें।
- हरी सब्जियों का सेवन करें।
- ठंडे पदार्थों का सेवन न करें।
- अधिक सर्दी में बाहर न निकलें।
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सर्द हवाएं चलने से गलन बढ़ गई है। बीपी के मरीज बचाव करें। हृदय रोगियों को भी बचाव करने की जरूरत है। प्रतिदिन सीसीयू से चार से छह मरीजों को रेफर किया जा रहा है। -डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी, सीसीयू
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ललितपुर। गलन भरी सर्दी हृदय रोगियों के लिए मुसीबत बन गई है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना हार्ट के 12-14 मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया जा रहा है।
सर्द हवाएं चलने से गलन बढ़ गई है। हृदय रोगी समेत बीपी के मरीजों की समस्या बढ़ गई है। बुधवार को मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन विभाग, एनसीडी सेल फिजिशियन की ओपीडी में लगभग 250 मरीज आए। फिजिशियन विभाग में 100 मरीज पहुंचे। सीने में दर्द की समस्या पर आठ मरीजों की ईसीजी कराई गई, तीन में हार्ट की समस्या पाई गई। एनसीडी सेल स्थित ओपीडी में 46 मरीज उपचार कराने आए। ईसीजी जांच में चार मरीजों में हृदय की समस्या पाई गई।
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मेडिकल कॉलेज की फिजिशियन डॉ. मंजुला सिंह ने बताया कि इन मरीजों को प्राथमिक उपचार देकर बाहर महानगरों में जांच कराने की सलाह दी गई। एनसीडी सेल में फिजिशियन डॉ. नीलांजलि दुबे ने बताया कि बीपी व हृदय रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
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इमरजेंसी में आ रहे हार्ट के छह से आठ मरीज
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 24 घंटे में आठ सौ मरीज आ रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रतिदिन 15 से 20 मरीज सीने में दर्द की समस्या लेकर आ रहे हैं। इन मरीजों की ईसीजी जांच कराई जा रही है। छह से आठ मरीजों में हृदय रोग की समस्या प्रतीत होने पर ईको व अन्य जांच के लिए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में नहीं है अन्य जांच की सुविधा
मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग की जांच के लिए महज ईको जांच की सुविधा है। हृदय की गति की जांच के लिए ईको, एंजियोग्राफी समेत अन्य जांच की सुविधा नहीं है। मरीज में हार्ट अटैक होने की पुष्टि नहीं हो पा रही है। कई मरीजों को समय पर उपचार न मिलने से समस्या बढ़ जाती है। समय पर उपचार न मिलने से कइयों की जान तक चली जाती है।
ये है हृदय रोगियों की स्थिति
फिजिशियन विभाग - 100-120
एनसीडी सेल - 50- 60
हृदय विभाग - 40-50
इमरजेंसी - 30-40
कुल हृदय रोगी - 14-16
बीपी के मरीज - 80-100
इस तरह रखें हृदय का ध्यान
- प्रतिदिन नियमित रूप से सुबह व्यायाम करें।
- खानपान का विशेष ध्यान रखें।
- फास्ट फूड के सेवन से परहेज करें।
- हरी सब्जियों का सेवन करें।
- ठंडे पदार्थों का सेवन न करें।
- अधिक सर्दी में बाहर न निकलें।
सर्द हवाएं चलने से गलन बढ़ गई है। बीपी के मरीज बचाव करें। हृदय रोगियों को भी बचाव करने की जरूरत है। प्रतिदिन सीसीयू से चार से छह मरीजों को रेफर किया जा रहा है। -डॉ. राजीव कुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी, सीसीयू