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झांसी: निजी अस्पतालों में चल रहे मेडिकल स्टोरों की होगी जांच
Tue, 17 Sep 2019 07:10 AM IST
झांसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2019 07:10 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में संचालित मेडिकल स्टोरों पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम छापेमारी करेगी। इस दौरान मेडिकल स्टोरों पर गिनी चुनी अथवा कहीं और न मिलने वाली दवाएं मिलीं तो कार्रवाई तय है। शासन ने इसके लिए निर्देश दे दिए हैं।
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लगभग हर निजी अस्पताल और नर्सिंगहोम में मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा है। इन मेडिकल स्टोरों पर सिर्फ उन्हीं औषधियों की उपलब्धता होती है, जिन्हें वहां के डॉक्टरों अपने पर्चे पर लिखते हैं। इसको लेकर औषधि अनुज्ञापन एवं नियंत्रण अधिकारी की तरफ से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सभी सहायक आयुक्त और निरीक्षकों पत्र लिखा गया है। पत्र में कहा गया है कि चिकित्सकों द्वारा मरीजों को लिखी गई औषधियों की उपलब्धता उनके द्वारा संचालित मेडिकल स्टोर पर ही होती है, जिससे कई बार मरीजों को अनावश्यक परेशानी होती है।
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निर्देश दिए गए हैं कि निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और डॉक्टरों की क्लीनिक में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच करें कि डॉक्टरों द्वारा मरीजों को गिनी-चुनी औषधियां तो नहीं लिखी जा रहीं हैं। यदि किसी औषधि निर्माता अथवा डीलर द्वारा सिर्फ निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में संचालित मेडिकल स्टोर को आपूर्ति की जा रही है तो उसके खिलाफ ड्रग प्राइस कंट्रोल आर्डर के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
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ऐसे होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग महानगर के अस्पताल और क्लीनिक में संचालित मेडिकल स्टोरों की सूची बनाएगा। इसके बाद मेडिकल स्टोरों पर छापे मारे जाएंगे। संबंधित अस्पताल, क्लीनिक के डॉक्टरों के पर्चे पर लिखी दवाओं का संबंधित मेडिकल स्टोर से मिलान किया जाएगा। इन दवाओं की आसपास या फिर शहर के अन्य हिस्सों के मेडिकल स्टोरों पर जाकर पड़ताल की जाएगी। ये दवाएं अन्य स्टोरों पर न मिलने पर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। इसमें दवा का नाम, उसकी निर्माता कंपनी, भंडारण, चिकित्सक और मेडिकल स्टोर का नाम पता दर्ज किया जाएगा।
शासन की तरफ से निजी अस्पतालों, क्लीनिकों में संचालित मेडिकल स्टोरों की जांच के आदेश मिले हैं। जल्द ही मेडिकल स्टोरों की जांच-पड़ताल की जाएगी। डॉक्टरों द्वारा लिखी जा रहीं दवाएं आसपास या फिर शहर के अन्य हिस्सों के मेडिकल स्टोरों पर नहीं मिलती हैं अथवा ज्यादा मूल्यों पर बेचते पाई जाती हैं तो फिर कार्रवाई की जाएगी। - अतुल उपाध्याय, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग।