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खुफिया विभाग की रडार पर ‘प्राइवेट प्रैक्टिस’

Sun, 20 Aug 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 20 Aug 2017 01:37 AM IST
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'Private Practice' on the intelligence department radar
jila hospital - फोटो : demo
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी अस्पतालों के डॉक्टरों की अब गोपनीय जांच शुरू हो गई है। खुफिया विभाग को जांच का जिम्मा दिया गया है। 16 बिंदुओं पर विभाग जांच कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार सरकारी डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की चेतावनी पहले ही दे चुकी है।
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गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत होने के बावजूद अधिकतर डॉक्टर धड़ल्ले से प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डॉक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस तत्काल बंद करने के निर्देश दिए थे। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पचास से अधिक बच्चों की मौत के मामले में कुछ डॉॅक्टरों के प्राइवेट प्रैक्टिस करने का खुलासा होने पर अब योगी सरकार और लगाम कसने जा रही है। शासन ने खुफिया विभाग को नर्सिंग होम चलाने वाले सरकारी डॉक्टर, मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार न करने समेत 16 बिंदुओं पर जांच के निर्देश दिए हैं। जल्द रिपोर्ट देने को कहा गया है। सूत्रों ने बताया कि खुफिया विभाग की रडार पर पहले मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर हैं, जो प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। ऐसे डॉक्टरों के लिखे हुए पर्चे कब्जे में लेने के साथ ही किस अस्पताल में प्रैक्टिस करते हैं समेत कई दस्तावेज एकत्र किए जाने लगे हैं।
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ये हैं 16 बिंदु
1. अस्पताल के डॉक्टरों की उपलब्धता। उनके द्वारा तय अवधि में अस्पताल में बैठने, इमरजेंसी के समय ड्यूटी पर रहने की जानकारी और डॉक्टर, नर्सिंग, टेक्नीशियन स्टाफ की उपलब्धता व कार्यप्रणाली।
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2. अस्पताल के कौन डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे हैं। डॉक्टर या परिवार के सदस्यों के नाम पर नर्सिंग होम या क्लीनिक तो नहीं है।
3. सामान्य तौर पर डॉक्टरों की कार्यक्षमता/कार्यप्रणाली, अक्षम, मरीजों के साथ व्यवहार का विवरण।
4. अस्पताल में जीवन रक्षक, परीक्षण से संबंधित उपलब्धता व उनकी क्रियाशीलता।
5. पैथालॉजी टेस्ट अस्पताल में ही होते हैं या डॉक्टर बहार से कराते हैं। डॉक्टर किसी विशेष सेंटर पर ही मरीज को तो नहीं भेजते हैं।
6. आईसीयू/सीसी आदि अन्य स्पेशलाइज यूनिट की उपलब्धता और उनकी क्रियाशीलता।
7. ब्लड बैंक की उपलब्धता, क्रियाशीलता व उनकी कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी।
8. ओटी की स्थिति और कार्यप्रणाली, अस्पताल व वार्डों की साफ-सफाई की स्थिति, मरीजों को मिलने वाले नि:शुल्क भोजन की गुणवत्ता व उपलब्धता, स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और एंबुलेंस की उपलब्धता व क्रियाशीलता।
9. दवाओं की उपलब्धता और वितरण में कोई अनियमितता तो नहीं है।
10. विद्युत, जल व ऑक्सीजन आपूर्ति और अन्य इसी प्रकार की आपूर्ति व उपलब्धता की स्थिति।
11. आकस्मिक महामारी, डेंगू, स्वाइन फ्लू, इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की भर्ती व इलाज की व्यवस्था।
12. अहम पदों पर आसीन जैसे प्रिंसिपल, अधीक्षक, डॉक्टरों की सामान्य छवि व उपलब्धता के संबंध में टिप्पणी।
13. अस्पताल के निर्माण, स्टैंड, सामग्री, उपकरणों की आपूर्ति जैसे कार्य में माफिया, गुंडा, अराजक तत्वों की संलिप्तता की स्थिति के संबंध में टिप्पणी।
14. जांच/सूचना संकलन अधिकारी की अस्पताल की स्थिति पर टिप्पणी।
15. अस्पताल की सेवाओं व संबंध में जनता का मत।
16. इसके अतिरिक्त यदि कोई अहम सूचना हो तो उल्लेख करें।
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