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प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की कुंडली खंगालेगा खुफिया विभाग
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झांसी। जिले में प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की अब खुफिया विभाग कुंडली खंगालेगा। खुफिया विभाग ने इन सभी सुरक्षाकर्मियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी है। इसकी जिम्मेदारी स्थानीय खुफिया विभाग के साथ-साथ संबंधित थाना पुलिस को भी दी गई है।
जिले में कई राजनीतिक, गैर राजनीतिक व प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने पुलिस के साथ-साथ अपनी सुरक्षा में प्राइवेट सुरक्षाकर्मी लगा रखे हैं, जो दूसरे राज्यों के हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद एसएसपी ने खुफिया व थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की अपने स्तर पर जांच कराएं। सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी कहां के रहने वाले हैं। अगर उनके पास लाइसेंसी शस्त्र हैं तो वह किसके नाम हैं और कहां से बना हुआ है। इसके साथ ही उनके रहन-सहन व तौर तरीके को भी जांच में शामिल किया जाए।
पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ नेताओं व स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों को अपनी निजी सुरक्षा में लगा रखा है। खासतौर पर ऐसे प्राइवेट गनरों पर स्थानीय खुफिया विभाग की नजर है। उनका कोई आपराधिक रिकार्ड है या नहीं और वे किसी तरह की ड्रेस पहनते हैं। इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि गोपनीय जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
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ऐसे प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की जांच समय-समय पर कराई जाती है। इस बार भी जांच के निर्देश दिए हैं। सारी जानकारी खुफिया व पुलिस जुटाएगी।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी
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जिले में कई राजनीतिक, गैर राजनीतिक व प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने पुलिस के साथ-साथ अपनी सुरक्षा में प्राइवेट सुरक्षाकर्मी लगा रखे हैं, जो दूसरे राज्यों के हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद एसएसपी ने खुफिया व थानेदारों को निर्देश दिए हैं कि वे प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की अपने स्तर पर जांच कराएं। सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी कहां के रहने वाले हैं। अगर उनके पास लाइसेंसी शस्त्र हैं तो वह किसके नाम हैं और कहां से बना हुआ है। इसके साथ ही उनके रहन-सहन व तौर तरीके को भी जांच में शामिल किया जाए।
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पुलिस सूत्रों की मानें तो कुछ नेताओं व स्थानीय लोगों ने बाहरी लोगों को अपनी निजी सुरक्षा में लगा रखा है। खासतौर पर ऐसे प्राइवेट गनरों पर स्थानीय खुफिया विभाग की नजर है। उनका कोई आपराधिक रिकार्ड है या नहीं और वे किसी तरह की ड्रेस पहनते हैं। इस बिंदु को भी जांच में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि गोपनीय जांच रिपोर्ट आने के बाद पुलिस कार्रवाई कर सकती है।
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ऐसे प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की जांच समय-समय पर कराई जाती है। इस बार भी जांच के निर्देश दिए हैं। सारी जानकारी खुफिया व पुलिस जुटाएगी।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी