{"_id":"5f5683678ebc3e36c16abb29","slug":"prignent-women-and-child-have-to-bad-air-dangerous-reporters-news-jhs1757183161","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती और बच्चे को वायु प्रदूषण का सर्वाधिक खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती और बच्चे को वायु प्रदूषण का सर्वाधिक खतरा
विज्ञापन
Prignent women and child have to bad air dangerous
झांसी। पर्यावरण को साफ रखने और इसमें हिस्सेदारी निभाने के लिए सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय शुद्ध वायु दिवस मनाया गया। 12 सितंबर तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत सोमवार को अपर निदेशक कार्यालय में कार्य योजना पर हुई बैठक में संयुक्त निदेशक डॉ. रेखा रानी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन वायु प्रदूषण के संदर्भ में दो अहम विषयों पर कार्य कर रहा है। इसके प्रभाव से शिशु और मातृ स्वास्थ्य को बचाना है। वायु प्रदूषण का खतरा सबसे अधिक गर्भस्थ शिशु, बच्चा और मां पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि मां के माध्यम से गर्भवस्थ शिशु को स्वच्छ हवा नहीं मिल रही या उसका श्वसन तंत्र सही रूप से नहीं चल रहा है तो उससे बच्चे के विकास में प्रभाव पड़ेगा। यहां तक कि समय से पूर्व गर्भपात या मृत बच्चा भी पैदा हो सकता है। यह एक संवेदनशील विषय है, इस पर लोगों में समझ पैदा करना बहुत जरूरी है। इस दिवस के माध्यम से हम लोग मंडल की सभी गर्भवतियों तक यह संदेश पहुंचाना चाह रहे हैं कि स्वच्छ हवा लेना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। सिफ्सा/एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास है कि जलवायु परिवर्तन से मानव जीवन को जो खतरे उत्पन्न हो रहे हैं, उसके प्रति जागरूक किया जाए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण चीज है हवा। स्वच्छ वातावरण के लिए स्वच्छ वायु का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारा सारा शरीर ऑक्सीजन पर निर्भर है।
मंगलवार को मंडल के सभी डीसीपीएम, एचईआईओ, बीसीपीएम और ब्लॉक स्तरीय नोडल अधिकारियों को जूम मीटिंग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये आगे चलकर आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को प्रशिक्षित करेंगे कि वह नियमित तौर पर गृह भ्रमण के दौरान गर्भवतियों को स्वच्छ हवा और वायु प्रदूषण पर जागरूक करेंगी।
विज्ञापन
ऐसे रोक सकते हैं वायु प्रदूषण
- साइकिल का इस्तेमाल करें।
- सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें।
- अधिक से अधिक पौधरोपण करें।
- सूखी पत्तियों को न जलाएं, बल्कि खाद बनाएं।
- अपने बच्चों को स्कूल बस में भेजें।
- निजी की जगह सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें।
ऐसे करें बचाव
मां को ही अपने और बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। ऐसे में वे ऐसी चीजों से बचें, जिसका उस पर और बच्चे के ऊपर प्रभाव पड़े। जैसे खाना बनाते समय गैस का इस्तेमाल करें, जिनके पास गैस नहीं है तो वे ऐसी जगह पर खाना बनाएं जहां धुआं संग्रहित न हो पाए। धुआं ऐसे कमरों में न जाए ,जहां उसे आराम करना हो या बच्चा लेटा हो। यदि परिवार में कोई धूम्रपान करता हो, उसको रोकें या धूम्रपान करते समय उसके नजदीक परिवार का अन्य सदस्य न हो।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि यदि मां के माध्यम से गर्भवस्थ शिशु को स्वच्छ हवा नहीं मिल रही या उसका श्वसन तंत्र सही रूप से नहीं चल रहा है तो उससे बच्चे के विकास में प्रभाव पड़ेगा। यहां तक कि समय से पूर्व गर्भपात या मृत बच्चा भी पैदा हो सकता है। यह एक संवेदनशील विषय है, इस पर लोगों में समझ पैदा करना बहुत जरूरी है। इस दिवस के माध्यम से हम लोग मंडल की सभी गर्भवतियों तक यह संदेश पहुंचाना चाह रहे हैं कि स्वच्छ हवा लेना स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। सिफ्सा/एनएचएम के मंडलीय परियोजना प्रबंधक आनंद चौबे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास है कि जलवायु परिवर्तन से मानव जीवन को जो खतरे उत्पन्न हो रहे हैं, उसके प्रति जागरूक किया जाए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण चीज है हवा। स्वच्छ वातावरण के लिए स्वच्छ वायु का होना बहुत जरूरी है, क्योंकि हमारा सारा शरीर ऑक्सीजन पर निर्भर है।
विज्ञापन
मंगलवार को मंडल के सभी डीसीपीएम, एचईआईओ, बीसीपीएम और ब्लॉक स्तरीय नोडल अधिकारियों को जूम मीटिंग द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। ये आगे चलकर आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को प्रशिक्षित करेंगे कि वह नियमित तौर पर गृह भ्रमण के दौरान गर्भवतियों को स्वच्छ हवा और वायु प्रदूषण पर जागरूक करेंगी।
विज्ञापन
ऐसे रोक सकते हैं वायु प्रदूषण
- साइकिल का इस्तेमाल करें।
- सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करें।
- अधिक से अधिक पौधरोपण करें।
- सूखी पत्तियों को न जलाएं, बल्कि खाद बनाएं।
- अपने बच्चों को स्कूल बस में भेजें।
- निजी की जगह सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें।
ऐसे करें बचाव
मां को ही अपने और बच्चे के स्वास्थ्य पर ध्यान देना है। ऐसे में वे ऐसी चीजों से बचें, जिसका उस पर और बच्चे के ऊपर प्रभाव पड़े। जैसे खाना बनाते समय गैस का इस्तेमाल करें, जिनके पास गैस नहीं है तो वे ऐसी जगह पर खाना बनाएं जहां धुआं संग्रहित न हो पाए। धुआं ऐसे कमरों में न जाए ,जहां उसे आराम करना हो या बच्चा लेटा हो। यदि परिवार में कोई धूम्रपान करता हो, उसको रोकें या धूम्रपान करते समय उसके नजदीक परिवार का अन्य सदस्य न हो।