फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   presious land slip by hand of administration

सोते रहे अफसर, हाथ से निकल गई बेशकीमती जमीन

Thu, 09 Jan 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 01:33 AM IST
विज्ञापन
presious land slip by hand of administration
झांसी। नगर निगम की करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे हो गए हैं। कब्जा करने वाले जमीनों को अपने नाम कराने की जुगत में लगे हुए हैं, लेकिन जिम्मेदारों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है। नतीजतन, अवैध कब्जों के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। महानगर में करीब 20 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है। लहरगिर्द में सबसे अधिक कब्जे हुए हैं।
विज्ञापन

नगर महापालिका से नगर निगम में तब्दील होने के बाद निगम में ग्राम समाज समेत सीलिंग की सरप्लस जमीन भी मर्ज हो गई। इसकी अब तक सुनियोजित तरीके से पैमाइश नहीं कराई गई। इसका फायदा कुछ रसूखदारों समेत आसपास के लोगों ने उठाया। उन्होंने जमीन पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। सबसे अधिक कब्जे लहर गिर्द इलाके में हुए।
विज्ञापन

निगम अभिलेखों में गाटा संख्या 170, 568, 668 नगर निगम का बताया जा रहा लेकिन, मौके पर दूसरे लोग काबिज हैं। यहां की कुल करीब चार एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे होते जा रहे हैं। इसी तरह खालसा स्कूल के पास सिद्धबाबा पहाड़िया के आसपास करीब 15 एकड़ जमीन भी कब्जाने की कोशिश की जा रही है। यहां कई लोगों ने जमीन घेर ली है। कई मकान भी बना लिए गए। इसी तरह झांसी खास में पंचवटी कॉलोनी के पास गाटा संख्या 816 भी नगर निगम के नाम दर्ज है। कुछ समय पहले निगम ने कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जेधारकों को खदेड़ा लेकिन, जमीन अवैध कब्जेधारकों से नहीं छुड़ाई जा सकी। लक्ष्मी ताल के पास स्थित पहाड़ी के पास भी सार्वजनिक स्थान को हथियाकर वहां दुकानें बना ली गईं। प्रभारी अधिकारी, संपत्ति का कहना है कि अवैध कब्जों को लेकर पैमाइश कराई जा रही है। उसके बाद अभियान चलाकर इनको खाली कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पार्षद भी कब्जाने के खेल में पीछे नहीं
‘बाड़ के ही खेत चरने’ की कहावत नगर निगम के कुछ पार्षदों पर सटीक बैठती है। जिन पार्षदों पर निगम संपत्ति की रक्षा की जिम्मेदारी होती है उन्होंने ही कई जगहों पर जमीन पर कब्जे करा दिए। इस संबंध में निगम प्रशासन को भी शिकायतें मिली हैं। शिकायतों में आरोप लगाया गया है कि कई पार्षदों ने खुद जमीन पर कब्जा किया हुआ है। निगम सूत्रों के मुताबिक इसमें सत्तारुढ़ दल समेत विपक्षी दलों के पार्षद भी पीछे नहीं हैं।
अभी तक नहीं हुआ चिह्नांकन
नगर निगम संपत्तियों पर अवैध कब्जे को रोकने के लिए उनके सामने नामपट्ट एवं तार के बाड़े बनवाने का प्रस्ताव नगर निगम सदन ने भी पारित किया था लेकिन, आज तक किसी भी जगह बोर्ड एवं बाड़े नहीं बनवाए गए। इस वजह से भी अवैध कब्जों की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं।

एक दर्जन से अधिक शिकायतें
नगर निगम के संपत्ति विभाग के पास अवैध कब्जे से संबंधित करीब एक दर्जन विभिन्न शिकायतें लंबित हैं। इनमें शहरी इलाकों समेत निगम के दूरवर्ती इलाकों में हो रहे कब्जे की शिकायत प्रमुख रुप से की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed