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सरकारी आवासों के बाहर लगेंगे प्रीपेड मीटर
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ंझांसी। सरकारी आवासों के बाहर अब प्रीपेड बिजली मीटर लगाए जाएंगे। यह निर्णय पिछले दिनों एक सरकारी अधिकारी के आवास में बिना मीटर के जल रही बिजली पकड़े जाने के बाद लिया गया है। बिजली के बकायादार सरकारी विभागों को शासन में डिमांड भेजकर पैसा मंगाने और बकाया जमा करने के निर्देश दिए गए।
बुधवार को सरकारी विभागों के बिजली के बकाया को जमा कराने के लिए हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के नोडल अधिकारी अब बिजली विभाग के संपर्क में रहेंगे, ताकि किसी तरह की गलत- फहमी न रहे। यह निर्णय पिछले दिनों बिजली विभाग के एक उच्च अधिकारी के निर्देश पर काटी गई सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग की बिजली से हुई किरकिरी के बाद लिया गया है। अभी तक सरकारी विभागों द्वारा बिजली के बिल का भुगतान कोषागार के माध्यम से किया जाता है, पैसा किस विभाग का है, इसका उल्लेख नहीं रहता था। इस कारण तय नहीं हो पाता था कि किस विभाग ने बकाया जमा कर दिया है और किसका बकाया है। अब विभाग रसीद जारी करेगा और टेलीफोन के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी। बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि किस विभाग का पैसा जमा हुआ है।
पिछले दिनों जलसंस्थान के एक अधिकारी के आवास पर बिना मीटर के बिजली जलते पकड़ी गई थी। जबकि, संबंधित अधिकारी ने कई बार बिजली विभाग में आवेदन देकर मीटर लगाने को कहा था लेकिन मीटर नहीं लग सका था। इसे संज्ञान में लेते हुए निर्णय लिया गया कि अब सरकारी आवास में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे, ताकि बकाया या मीटर का कोई विवाद न रहे।
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बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता अनुभव कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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बुधवार को सरकारी विभागों के बिजली के बकाया को जमा कराने के लिए हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के नोडल अधिकारी अब बिजली विभाग के संपर्क में रहेंगे, ताकि किसी तरह की गलत- फहमी न रहे। यह निर्णय पिछले दिनों बिजली विभाग के एक उच्च अधिकारी के निर्देश पर काटी गई सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग की बिजली से हुई किरकिरी के बाद लिया गया है। अभी तक सरकारी विभागों द्वारा बिजली के बिल का भुगतान कोषागार के माध्यम से किया जाता है, पैसा किस विभाग का है, इसका उल्लेख नहीं रहता था। इस कारण तय नहीं हो पाता था कि किस विभाग ने बकाया जमा कर दिया है और किसका बकाया है। अब विभाग रसीद जारी करेगा और टेलीफोन के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी। बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया जाएगा, ताकि पता चल सके कि किस विभाग का पैसा जमा हुआ है।
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पिछले दिनों जलसंस्थान के एक अधिकारी के आवास पर बिना मीटर के बिजली जलते पकड़ी गई थी। जबकि, संबंधित अधिकारी ने कई बार बिजली विभाग में आवेदन देकर मीटर लगाने को कहा था लेकिन मीटर नहीं लग सका था। इसे संज्ञान में लेते हुए निर्णय लिया गया कि अब सरकारी आवास में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे, ताकि बकाया या मीटर का कोई विवाद न रहे।
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बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सलिल पटेल, अधिशासी अभियंता डी यादवेंदु, अधिशासी अभियंता अनुभव कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।