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पारीछा प्लांट में कोयले की कमी से घटा बिजली उत्पादन, बजाज ने शुरू कीं दो यूनिट
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झांसी। पारीछा पावर प्लांट में कोयले की कमी से बिजली का उत्पादन लगातार कम हो रहा है। हर रोज 400 मेगावाट का प्रो़डक्शन गिरा है। हालांकि शनिवार को 11 हजार 50 टन कोयला प्लांट को मिल गया लेकिन मांग के हिसाब से काफी कम बताया जा रहा है। वहीं ललितपुर में बजाज पावर प्लांट ने भी अपनी दो यूनिट शुरू कर दी हैं। यहां पहले दिन 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ है।
पारीछा पावर प्लांट में शनिवार को 11050 टन कोयला पहुंच गया। इस प्लांट की चारों इकाइयों को प्रतिदिन चलाने के लिए 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है। अफसरों का कहना है कि कोयले की मांग की जा रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। क्योंकि गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ाया जाना है। लेकिन कोयले की कमी रफ्तार को रोक रही है। पारीछा प्लांट में जहां पहले 920 मेगावाट बिजली का हर रोज उत्पादन होता था वहीं, अब 520 मेगावाट बिजली का ही प्रोडक्शन हो पा रहा है। अगर कोयला मांग के मुताबिक मिल जाता है तो पूरी क्षमता के साथ यूनिटों को चलाकर बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। वहीं शनिवार को ललितपुर का बजाज पावर प्लांट भी शुरू हो गया। फिलहाल दो यूनिट शुरू की गईं हैं। पहले दिन इन दो यूनिट पर 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया।
आज तीन रैक कोयला आया है, जो 11050 टन है। इससे कुछ दिन के लिए राहत तो मिल जाएगी। इससे केवल 520 मेगावाट ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है, जबकि 920 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए प्रतिदिन 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है। - एम. के. सचान, मुख्य महाप्रबंधक ( पारीछा थर्मल पावर प्लांट)
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पारीछा पावर प्लांट में शनिवार को 11050 टन कोयला पहुंच गया। इस प्लांट की चारों इकाइयों को प्रतिदिन चलाने के लिए 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है। अफसरों का कहना है कि कोयले की मांग की जा रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। क्योंकि गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही उत्पादन भी बढ़ाया जाना है। लेकिन कोयले की कमी रफ्तार को रोक रही है। पारीछा प्लांट में जहां पहले 920 मेगावाट बिजली का हर रोज उत्पादन होता था वहीं, अब 520 मेगावाट बिजली का ही प्रोडक्शन हो पा रहा है। अगर कोयला मांग के मुताबिक मिल जाता है तो पूरी क्षमता के साथ यूनिटों को चलाकर बिजली उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। वहीं शनिवार को ललितपुर का बजाज पावर प्लांट भी शुरू हो गया। फिलहाल दो यूनिट शुरू की गईं हैं। पहले दिन इन दो यूनिट पर 1320 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया गया।
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आज तीन रैक कोयला आया है, जो 11050 टन है। इससे कुछ दिन के लिए राहत तो मिल जाएगी। इससे केवल 520 मेगावाट ही बिजली उत्पादन हो पा रहा है, जबकि 920 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए प्रतिदिन 16 हजार टन कोयले की जरूरत होती है। - एम. के. सचान, मुख्य महाप्रबंधक ( पारीछा थर्मल पावर प्लांट)
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