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हॉस्टल में रात को गूंजीं अजीब आवाजें, दहशत में घिरीं छात्राएं, खाली हो गए 21 रूम

Thu, 06 Oct 2022 12:25 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 06 Oct 2022 12:25 AM IST
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Polytecnic hostel kand, students fear
झांसी। वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाली सभी 63 छात्राएं मंगलवार की रात को सो नहीं पाईं। वह इस कदर डर गईं थीं कि सभी अपने अपने कमरे छोड़कर एक हॉल में इकट्ठा हो गईं। इन्हें लग रहा था कि छत पर कोई है। खिड़की भी खटखटा रहा है। अजीब आवाजें आ रही हैं। छात्राओं की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। सुबह तक हॉस्टल छाना गया मगर कुछ नहीं मिला। लेकिन डर फिर भी दूर नहीं हुआ और सुबह होते ही सभी 63 छात्राएं हॉस्टल छोड़कर चली गईं।
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ग्वालियर रोड पर स्थित है महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज। इस कॉलेज कैंपस में दो छात्रावास हैं। पुराने हॉस्टल में 63 छात्राएं रहती हैं। मंगलवार की रात तकरीबन साढ़े बारह बजे छात्राओं को हॉस्टल की छत पर किसी के होने का आभास हुआ। उन्हें ऐसा लग रहा था कि मानो छत पर कई लोग चल रहे हों। ऐसा किसी एक छात्रा को नहीं बल्कि आठ-दस छात्राओं को लगा। कुछ ही देर में हॉस्टल में दहशत फैल गई। सभी छात्राएं अपने अपने कमरे से निकलकर एक हॉल में इकट्ठा हो गईं और पुलिस कंट्रोल को सूचना दी। कुछ ही देर में कंट्रोल रूम, डॉयल 112 और ग्वालियर रोड पुलिस चौकी का फोर्स पहुंच गई। एक एक कोना छान मारा लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। वहीं दो छात्राओं ने पुलिस को बताया कि जब सायरन बजातीं गाड़ियां आ रही थीं तब उन लोगों को ऐसी आवाज आई कि मानो कोई छत से कूदकर झाड़ियों की तरफ भागा हो। हॉस्टल में पहुंचे पुलिस वालों ने छात्राओं को समझाया कि कहीं कुछ नहीं है वह घबराएं नहीं। लेकिन उनका डर दूर नहीं हुआ और अपने स्थानीय अभिभावकों को फोन किया और बुधवार की सुबह को उनके साथ चलीं गईं। सभी 63 छात्राओं ने हॉस्टल खाली कर दिया है।
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इन शहरों की थीं छात्राएं
प्रयागराज, उरई, लखनऊ, कानपुर, आगरा, मथुरा, ललितपुर, चित्रकूट, महोबा, बांदा, गोरखपुर, बहराइच
नहीं लिया सबक, हाशिये पर सुरक्षा
झांसी। दो साल पहले पॉलिटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल में एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले में सोमवार को अदालत ने आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बावजूद, महिला पॉलिटेक्निक के हॉस्टल की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। यहां तक कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरे तक खराब हैं। परिसर में चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। रात में परिसर में लाइट की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं रहती है। कई खिड़कियों के कांच भी टूटे हुए हैं। स्थिति ये है कि हॉस्टल परिसर जंगल सा प्रतीत होता है। सुरक्षा के नाम पर यहां चार पीआरडी के जवानों की ड्यूटी जरूर लगाई है। लेकिन, वे भी रात में हॉस्टल परिसर में चहलकदमी से परहेज करते हैं।
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छात्राओं ने पुलिस को बताई आपबीती
झांसी। ग्वालियर रोड चौकी इंचार्ज श्रीप्रकाश दुबे ने बताया कि हॉस्टल में किसी के होने की सूचना मिलते ही रात में ही तत्काल पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। छात्रा ने बताया था कि छत पर किसी के चलने की उसे आवाज सुनाई दी है। साथ ही परछाई भी नजर आई। इस पर पूरा हॉस्टल परिसर खंगाला गया, परंतु कुछ नहीं मिला। इस पर रात भर पुलिस हॉस्टल में रही।
सूचना पर कॉलेज स्टाफ तत्काल रात में ही हॉस्टल पहुंच गया था। परिसर में पुलिस के साथ खोजबीन भी की गई, परंतु कुछ मिला नहीं। अवकाश की वजह से छात्राएं हॉस्टल छोड़कर गईं हैं। हॉस्टल की सुरक्षा में हर समय चार पीआरडी जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा सुरक्षा के और कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

- एलएस यादव, प्रधानाचार्य - महिला पॉलिटेक्निक
सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई थी। पूरे परिसर की पड़ताल की गई। हालांकि, कुछ मिला नहीं। साथ ही किसी के आने-जाने के निशान भी वहां नहीं मिले। हालांकि, हॉस्टल में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रात में भी हॉस्टल में पुलिस गश्त करेगी। छात्राओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
- राधेश्याम राय, एसपी सिटी
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