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Jhansi News: पुलिस की कहानी में झोल ही झोल...अफसरों के बयान ही खोल रहे घटना की पोल

Sun, 22 Jan 2023 11:50 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 22 Jan 2023 11:50 PM IST
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Police story many suspence officer statement open secret
झांसी। पुष्पेंद्र को लेकर पुलिस द्वारा बनाई जा रही कहानी में झोल ही झोल नजर आ रहे हैं। अधिकारियों के जो बयान सामने आ रहे हैं वही इस पूरी घटना की पोल खोल दे रहे हैं। पुष्पेंद्र के घायल होने के बाद उठ रहे सवालों का सटीक जवाब भी किसी के पास नहीं है। इससे साफ है उल्दन थाने में जो भी हुआ पूरा महकमा उस पर पर्दा डालने की तैयारी कर रहा है। अगर आला अधिकारी गंभीरता से इस पूरे प्रकरण की जांच करा लेंगे तो तस्वीर साफ हो जाएगी और कई पुलिस वाले कार्रवाई के घेरे में आ जाएंगे।
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झोल नंबर एक
थाने में चाकू लेकर कैसे आ गया युवक
झांसी। एसपी सिटी राधेश्याम राय का कहना है कि पुष्पेंद्र को आज पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया था। कुछ देर बाद वह कैंपस के बाहर चला गया और अपने साथ लाए चाकू से खुद पर वार कर लिया। अब यहां सबसे बड़े सवाल यह बनता है कि क्या थाने में भी कोई चाकू लेकर आ सकता है। पुलिस ने जांच क्यों नहीं की। तलाशी क्यों नहीं की गई। इस पर एसपी सिटी का कहना था कि पूछताछ के लिए बुलाया गया था इसलिए तलाशी नहीं हुई। लेकिन जरा सोचिए कि अगर वह अपने साथ लाए चाकू से किसी पर वार कर देता तो क्या होता। कुल मिलाकर यहां पुलिस अपने ही बयानों में घिरती नजर आ रही है।
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झोल नंबर दो
पूछताछ के लिए बुलाया तो फिर कैंपस से बाहर कैसे चला गया
झांसी। पुलिस कह रही है कि मुकदमा दर्ज करने के बाद पूछताछ के लिए पुष्पेंद्र को बुलाया गया था। वह थाने आया था और फिर कैंपस से बाहर चला गया और अपने साथ लाए चाकू से गर्दन से वार कर लिया। लेकिन यहां सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब उसके खिलाफ मुकदमा था तो पुलिस ने कैंपस से बाहर जाने ही क्यों दिया। आमतौर पर तो ऐसा नहीं होता है। जिसके खिलाफ मुकदमा हो और वह थाने से बाहर चला जाए। पुलिस के इस बयान पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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झोल नंबर तीन
एसपी सिटी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा है कि पुष्पेंद्र को थाने में गांव के ही अंकित और जीवन लेकर आए थे। वहीं एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें जीवन कह रहा है कि वह दिन भर झांसी में था। उसकी बेटी की तबीयत खराब थी। वह पुष्पेंद्र को लेकर उल्दन थाने नहीं गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर पुलिस जीवन का नाम क्यों ले रही है। जबकि जीवन बार बार कह रहा है कि पुलिस उसे भी फंसाने की कोशिश कर रही है।
झोल नंबर चार
पुष्पेंद्र ने दोपहर को डेढ़ बजे खुद पर चाकू से वार किया था लेकिन उसके परिवार वालों को इसकी जानकारी शाम को दी गई। ऐसा क्यों। परिवार के लोगों का कहना है कि उनसे बताया गया था कि उनके बेटे को चोट लग गई है। अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। जब घटना दोपहर की थी तो उन लोगों को भी उसी वक्त जानकारी देनी चाहिए थी।
थानाध्यक्ष ने झाड़ा पल्ला
झांसी। उल्दन थाने के थानाध्यक्ष घटना से पल्ला झाड़ते नजर आए। थानाध्यक्ष अजमेर सिंह भदौरिया ने बताया कि घटना के समय वे थाने में नहीं थे। वे झांसी में एक मीटिंग में आए हुए थे। पुष्पेंद्र को पूछताछ के लिए उप निरीक्षक रामकरन चौधरी ने बुलाया था।

ग्रामीणों ने भी पुलिस को घेरा
झांसी। बिजना ग्राम के प्रधान रामप्रकाश व अन्य ग्रामीणों ने भी पुलिस को घेरा है। उनका आरोप है कि पुलिस ने दो-तीन दिन पहले से पुष्पेंद्र को उठा रखा था। पुलिस अभिरक्षा में ही उसके गला कटने की घटना हुई है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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