आठ फरवरी को है सिपाही की शादी, लेकिन लगा दी थी ड्यूटी, शादी का कार्ड ट्वीट करने के बाद छुट्टी मिली
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आठ फरवरी को दूल्हा बनेगा चिरगांव निवासी सिपाही यशवेंद्र सिंह। घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं। मंगलगीत बज रहे हैं। दूल्हे की ड्रेस तैयार हो रही है, लेकिन शादी वाले दिन यानी 8 फरवरी को यशवेंद्र की ड्यूटी लखनऊ में होने वाले डिफेंस एक्सपो में लगा दी गई। पहले तो सिपाही ने अफसरों के सामने पेश होकर शादी का हवाला देकर छुट्टी मांगी लेकिन जब नहीं मिली तो लखनऊ जाकर अपनी आमद भी करा दी। अब विभाग में मंगलवार को हल्ला तब मचा जब सिपाही ने अपनी शादी का कार्ड ट्वीट कर अफसरों तक अपनी पीड़ा पहुंचाई। अब आनन फानन में उसकी छुट्टी मंजूर हो गई। चौदह दिन का अवकाश स्वीकृत कर दिया गया है।
झांसी के चिरगांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव जरयाई का रहने वाला है सिपाही यशवेंद्र। मौजूदा समय में उसकी तैनाती मथुरा में सदर बाजार में है। जो कार्ड ट्वीट किया गया है उसके अनुसार यशवेंद्र की शादी 8 फरवरी को हो रही है। लेकिन उसे अभी तक छुट्टी नहीं थी। यशवेंद्र को मथुरा से लखनऊ में होने वाले डिफेंस एक्सपो की सुरक्षा ड्यूटी के लिए भेज दिया गया था। वह 31 जनवरी को लखनऊ में पहुंच भी गया था। हालांकि यशवेंद्र तो ट्वीट की बात से ही इंकार कर रहे हैं लेकिन विभाग में चरचा है कि उन्होंने शादी की छुट्टी के लिए आवेदन किया था मगर छुट्टी मंजूर नहीं हुई थी लिहाजा मजबूर होकर सुरक्षा ड्यूटी के लिए लखनऊ की पुलिस लाइन में जाकर आमद करानी पड़ी थी। लेकिन मंगलवार को डीजीपी, एडीजी आगरा, मथुरा एसएसपी समेत तमाम पुलिस अफसरों को शादी का कार्ड ट्वीट होने के बाद तत्काल छुट्टी भेज दिया गया। हमने जब मथुरा के एसपी सिटी अशोक कुमार मीणा से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि सिपाही ने कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था। अगर जानकारी में रहा होता तो तत्काल अवकाश दिया जाता।
पत्नी का इलाज कराने को छुट्टी मांग रहे 20 पुलिस वाले
झांसी। इस समय झांसी रेंज के विभिन्न थानों में तैनात करीब बीस सिपाहियों ने अपने अधिकारियों को आवेदन देकर छुट्टी की मांग की है। अधिकांश ने अवकाश लेने की वजह पत्नी का इलाज कराना बताया है। यह लोग लमंबे समय से आवेदन कर रहे हैं मगर कानून व्यवस्था की ड्यूटी के चलते अवकाश मिल नहीं पा रहा है। झांसी के ही पांच सिपाही ऐसे हैं जो आला अफसरों के सामने भी अपना दुखड़ा रो चुके हैं। लेकिन फिलहाल छुट्टी देने से इंकार कर दिया गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कुछ पुलिस वालों के परिजन भी अफसरों के सामने पेश होकर मजबूरी बता चुके हैं।
वीकली ऑफ की भी व्यवस्था नहीं हो सकी लागू
पुलिसकर्मियों को राहत देने के लिए वीकली ऑफ की व्यवस्था अब तक जिले में लागू नहीं हो सकी। झांसी के पुलिसकर्मी पिछले दो माह से लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। अयोध्या फैसला व नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हुए विरोध में सभी की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई थीं। विरोध प्रदर्शनों के चलते पुलिसकर्मियों की व्यस्तता बढ़ जाने के कारण अब तक राहत नहीं मिल सकी। नए साल और अब लखनऊ मेें डिफेंस एक्सपो में ड्यूटी के कारण छु्ट्टी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पुलिसकर्मी थके नजर आते हैं।