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72 घंटे बाद भी पुलस खोल नहीं पाई कमलेश के मोबाइल का लॉक
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झांसी। कमलेश यादव हत्याकांड के आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस करीब 72 घंटे गुजर जाने के बाद भी मोबाइल का लॉक तक नहीं खोल सकी है। लॉक न खुलने से उसके व्हाट्सएप मेसेज समेत अन्य जानकारियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है, हालांकि मोबाइल नेटवर्क और सीडीआर के जरिए उसकी लोकेशन और जिन-जिन नंबरों से उसकी बातचीत हुई उसका ब्योरा खंगाला जा रहा है।
कमलेश हाई प्रोफाइल जिंदगी जीने का आदी थी। आई फोन मोबाइल का इस्तेमाल करता था। हत्या के दिन उसका शव गाड़ी के बाहर पड़ा था, जबकि मोबाइल सीट पर पड़ा मिला। मोबाइल फोन बरामद करने के बाद से पुलिस टीम उसका लॉक खुलवाने में जुटी है लेकिन, 72 घंटे बाद भी कामयाबी नहीं मिली। हत्याकांड के खुलासे के लिए स्वॉट, सर्विलांस समेत चार अलग-अलग टीम लगाई गई हैं। स्वॉट टीम को भी कामयाबी नहीं मिल रही।
शुरुआती जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि कमलेश ने कई लोगों से लाखों रुपये उधार लिए हुए थे। उसने इन लोगों को जमीन दिलाने का वायदा किया था। घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस खंगालने में जुटी है। पड़ताल में मालूम चला कि कमलेश सुरक्षा के लिहाज से बांउसर लेकर चलता था, लेकिन शुक्रवार को उनको छुट्टी दे दी थी। घटना स्थल के आसपास खून भी बिखरा हुआ नहीं मिला। अंदेशा जताया जा रहा कि उसकी हत्या करके बदमाश यहां फेंकने आए थे। पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कुछ ही वर्षों के भीतर उसने कैसे करोड़ों की संपत्ति हासिल की। पुलिस ने उसके दोस्तों और जानने वालों से भी पूछताछ की। सीओ सिटी प्रदीप कुमार का कहना है खुलासे के लिए कई टीमें लगी हैं। जल्द ही खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
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कमलेश हाई प्रोफाइल जिंदगी जीने का आदी थी। आई फोन मोबाइल का इस्तेमाल करता था। हत्या के दिन उसका शव गाड़ी के बाहर पड़ा था, जबकि मोबाइल सीट पर पड़ा मिला। मोबाइल फोन बरामद करने के बाद से पुलिस टीम उसका लॉक खुलवाने में जुटी है लेकिन, 72 घंटे बाद भी कामयाबी नहीं मिली। हत्याकांड के खुलासे के लिए स्वॉट, सर्विलांस समेत चार अलग-अलग टीम लगाई गई हैं। स्वॉट टीम को भी कामयाबी नहीं मिल रही।
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शुरुआती जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि कमलेश ने कई लोगों से लाखों रुपये उधार लिए हुए थे। उसने इन लोगों को जमीन दिलाने का वायदा किया था। घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस खंगालने में जुटी है। पड़ताल में मालूम चला कि कमलेश सुरक्षा के लिहाज से बांउसर लेकर चलता था, लेकिन शुक्रवार को उनको छुट्टी दे दी थी। घटना स्थल के आसपास खून भी बिखरा हुआ नहीं मिला। अंदेशा जताया जा रहा कि उसकी हत्या करके बदमाश यहां फेंकने आए थे। पुलिस भी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कुछ ही वर्षों के भीतर उसने कैसे करोड़ों की संपत्ति हासिल की। पुलिस ने उसके दोस्तों और जानने वालों से भी पूछताछ की। सीओ सिटी प्रदीप कुमार का कहना है खुलासे के लिए कई टीमें लगी हैं। जल्द ही खुलासा करने की कोशिश की जा रही है।
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