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पीएम फसल बीमा के लिए तय हुआ प्रीमियम
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झांसी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ फसलों के लिए प्रीमियम तय कर दिया गया है। खरीफ सीजन में झांसी के लिए धान, ज्वार, बाजारा, मक्का, उर्द, मूंग, अरहर, तिल, सोयाबीन एवं मूंगफली जैसी अहम फसलों को अधिसूचित किया गया है। इससे किसानों को बीमा कराने में असानी होगी। किसानों को बीमा राशि का दो प्रतिशत प्रीमियम राशि के तौर पर चुकाना होगा।
प्राकृतिक वजहों से फसल को नुकसान होने पर किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार हर साल फसलों का बीमा करती है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसानों को सिर्फ दो प्रतिशत प्रीमियम देना होता है जबकि राज्य एवं केंद्र सरकार 49-49 प्रतिशत की हिस्सेदारी मिलाते हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्रीमियम राशि में मामूली बढ़ोत्तरी की गई है। झांसी में धान के लिए बीमित राशि 50649 रुपये प्रति हेक्टेयर तय हुआ है। किसानों को 1012.98 रुपये प्रीमियम देना होगा। इसी तरह ज्वार की बीमित राशि 32757 रुपये के मुकाबले 655.14 रुपये, उर्द के बीमित राशि 21911 के मुकाबले 438.2 रुपये प्रीमियम, मूंग के लिए 24703 बीमित राशि के मुकाबले 494.06 रुपये, अरहर के लिए 44115 के मुकाबले 882.30 रुपये, तिल के लिए 18508 रुपये के मुकाबले 370.16 रुपये एवं मूंगफली के लिए 46095 रुपये की बीमित राशि के मुकाबले 921.90 रुपये का प्रीमियम देना होगा। प्रत्येक फसलों में प्रीमियम करीब 8-10 रुपये का इजाफा हुआ है। बता दें, इस वर्ष भी बीमा एजेंसी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को ही इसका काम दिया गया है।
किसानों में जागरूकता को रवाना हुआ प्रचार रथ
झांसी। पीएम फसल बीमा योजना के लिए किसानों के बीच जागरूकता लाए जाने को लेकर शनिवार को विकास भवन से प्रचार रथ रवाना किया गया। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी एवं सीडीओ शैलेष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रथ का रवाना किया। जिलाधिकारी ने बताया कि इच्छुक किसान 7 जुलाई तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। गैर ऋणी किसानों को बैंक खाता, आधार कार्ड, खतौनी, फसल बुवाई का स्वप्रमाण पत्र एवं निर्धारित प्रीमियम धनराशि देनी होगी। इस दौरान बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर शिव सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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प्राकृतिक वजहों से फसल को नुकसान होने पर किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार हर साल फसलों का बीमा करती है। केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में किसानों को सिर्फ दो प्रतिशत प्रीमियम देना होता है जबकि राज्य एवं केंद्र सरकार 49-49 प्रतिशत की हिस्सेदारी मिलाते हैं। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष प्रीमियम राशि में मामूली बढ़ोत्तरी की गई है। झांसी में धान के लिए बीमित राशि 50649 रुपये प्रति हेक्टेयर तय हुआ है। किसानों को 1012.98 रुपये प्रीमियम देना होगा। इसी तरह ज्वार की बीमित राशि 32757 रुपये के मुकाबले 655.14 रुपये, उर्द के बीमित राशि 21911 के मुकाबले 438.2 रुपये प्रीमियम, मूंग के लिए 24703 बीमित राशि के मुकाबले 494.06 रुपये, अरहर के लिए 44115 के मुकाबले 882.30 रुपये, तिल के लिए 18508 रुपये के मुकाबले 370.16 रुपये एवं मूंगफली के लिए 46095 रुपये की बीमित राशि के मुकाबले 921.90 रुपये का प्रीमियम देना होगा। प्रत्येक फसलों में प्रीमियम करीब 8-10 रुपये का इजाफा हुआ है। बता दें, इस वर्ष भी बीमा एजेंसी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड को ही इसका काम दिया गया है।
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किसानों में जागरूकता को रवाना हुआ प्रचार रथ
झांसी। पीएम फसल बीमा योजना के लिए किसानों के बीच जागरूकता लाए जाने को लेकर शनिवार को विकास भवन से प्रचार रथ रवाना किया गया। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी एवं सीडीओ शैलेष कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रथ का रवाना किया। जिलाधिकारी ने बताया कि इच्छुक किसान 7 जुलाई तक अपनी फसल का बीमा करा सकते हैं। गैर ऋणी किसानों को बैंक खाता, आधार कार्ड, खतौनी, फसल बुवाई का स्वप्रमाण पत्र एवं निर्धारित प्रीमियम धनराशि देनी होगी। इस दौरान बीमा कंपनी के प्रतिनिधि के तौर पर शिव सिंह समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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