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खनन खिलाड़ियों ने खेतों को खोद निकाली बालू

Sun, 13 Nov 2016 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 13 Nov 2016 12:22 AM IST
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 Players dug out sand mining fields
kann jhansi news - फोटो : demo
झांसी। खनन खिलाड़ी धरती का सीना चीरकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं। इस बात की तस्दीक नगर से तकरीबन बीस किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पालर, परसर, लेवा, रनगुवां, बुढ़ेई, बिठरी में की जा सकती है। यहां खेतों को खोदकर नीचे दबी बालू निकाली जा रही है। खनन के चलते खेतों में तीस-तीस फुट गहरी खाई हो गई हैं। अवैध खनन लगातार जारी है। करोड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। प्रशासन बेखबर है।
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अमर उजाला संवाददाता ने इन गावों का दौरा किया तो पाया कि बडे़ पैमाने पर बालू का खनन हो रहा है। ट्रैक्टर ट्रालियों की लाइन लगी थी जिनके जरिए बालू ढोई जा रही थी। बुंदेलखंड की नदियां खनन माफियाओं के लिए सोने की खान बन हुई हैं। माफिया नदियों की कोख सूनी कर धड़ल्लेे से बालू निकाल रहे हैं। इतना ही नहीं, बालू के लिए धरती का सीना भी चीरा जा रहा है। उक्त गांवों में खेतों के नीचे दबी बालू को निकालने के लिए तीस - तीस फुट गहरी खाई तक खोद दी गई हैं। इन खाइयों में बाकायदा रास्ते बना दिए गए हैं, जिससे ट्रैक्टर व ट्रक जैसे वाहन निचली सतह तक पहुंच जाते हैं और आसानी से बालू भरकर ऊपर आ जाते हैं। बारिश के मौसम में इन खाइयों में पानी भर गया था, जिससे कुछ समय के लिए खनन बंद कर दिया गया था, लेकिन बारिश खत्म होने के बाद कई कई पंप लगाकर खाई में जमा पानी साफ कर दिया गया और अब एक बार फिर खनन शुरू कर दिया गया है। 
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तीन साल पहले तक उक्त गांवों में जमीन के नीचे बालू होने की लोगों की जानकारी नहीं थी। एक बोरिंग के दरम्यान नीचे से बालू निकलने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई। ग्रामीणों में अपने खेतों में इसकी जांच करानी की होड़ सी लग गई। जिन खेतों में बालू निकली, वहां खनन शुरू कर दिया गया। नदी के किनारे स्थित अधिकांश खेतों में कृषि कार्य बंद कर खनन किया जा रहा है। 
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खेतों में दबी है नदी की बालू 
 उक्त गांवों के पास से पहूज नदी निकली हुई है। नदी से भी बालू निकाली जा रही है। इतिहासकार हरगोविंद कुशवाहा ने बताया कि उक्त गांवों में जिन स्थानों पर आज खेत हैं, वहां से डेढ़ शताब्दी पहले पहूज नदी गुजरा करती थी। नदी संकरी होने की वजह से खाली पड़ी जमीन खेतों में बदल गई, लेकिन नदी की बालू आज भी जमीन में नीचे दबी हुई है, जिसे निकाला जा रहा है।  

स्वार्थ में अंधे हो रहे हैं लोग
 मृदा (मिट्टी) परीक्षण विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर वीके सचान ने बताया कि लोग स्वार्थ में अंधे हो रहे हैं। खेती से कई पीढ़ियों को रोजगार मिलता है, परंतु खेतों में गहरे गड्ढे होने की वजह से भविष्य में उस जमीन का उपयोग कृषि कार्य के लिए नहीं किया जा सकता। इसके अलावा यह गड्ढे कच्चे हैं, जिससे धीरे धीरे आसपास की जमीन भी धंसती जाएगी। कृषि के लिहाज से यह स्थिति ठीक नहीं है। 

 
कड़ी कार्रवाई होगी
आप की बात सही है। मैंने कुछ समय पर इन गांवों का दौरा किया था। खनन हो रहा था। मैंने कई ट्रैक्टर जब्त कर खनन करने वालों पर कार्रवाई भी की थी। तब खनन बंद हो गया था। अब यदि फिर शुरू हुआ तो मुझे इसकी जानकारी नहीं है। 15 नवंबर के बाद  राजस्व, खनिज और पुलिस एक साथ वहां जाएगी।कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चंदन कुमार पटेल
उपजिलाधिकारी
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