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Jhansi News: बिना कोच किताबी ज्ञान के सहारे बन रहे खिलाड़ी, आधी सीटें खाली
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बुंदेलखंड विवि का मैदान एक साल से बदहाल है। यहां के स्पोर्ट्स विभाग में एक साल से ज्यादा समय से कोच भी नहीं है। कोच की तैनाती की फाइल 10 माह से कुलपति दफ्तर में धूल फांक रही है। ऐसे में बीपीएड में शिक्षा सत्र 2024-25 में आधी से ज्यादा सीटों में प्रवेश ही नहीं हुआ। कमोबेश यही हालात एमपीईएस में हैं।
बीयू को नैक में ए प्लस-प्लस का तमगा तो मिल गया हैं, लेकिन बीयू प्रशासन का ध्यान अनुदान से प्राप्त राशि का इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय निर्माण कार्यों पर ज्यादा केंद्रित हो गया है। शायद यही वजह है कि बीयू प्रशासन की प्राथमिकता स्पोर्ट्स विभाग में कोच की नियुक्ति न होकर जगह-जगह निर्माण करना है। इसकी वजह से कैंपस के खेल मैदान में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिसकी वजह से खेलने लायक नहीं है। खिलाड़ी छात्र की आउटडोर खेलों की प्रैक्टिस बंद है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि करीब एक साल पहले स्पोर्ट्स ऑफिसर सूरज पाल सिंह ने कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने विभाग में कोच न होने के चलते खिलाड़ी छात्रों के प्रैक्टिस न कर पाने की समस्या से अवगत कराया था।इसके साथ ही हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, योगा, क्रिकेट, खो-खो के कोच तैनात करने की भी मांग की थी। इसपर कुलपति ने मौखिक स्वीकृति देकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। तब से अभी तक कोच तैनात करने की फाइल कुलपति कार्यालय में धूल फांक रही है। ऐसे में मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) व एमपीईएस (मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन स्पोर्ट्स) में विगत शिक्षा सत्र में काफी सीटें खाली रह गईं।
झांसी। बुंदेलखंड विवि का मैदान एक साल से बदहाल है। यहां के स्पोर्ट्स विभाग में एक साल से ज्यादा समय से कोच भी नहीं है। कोच की तैनाती की फाइल 10 माह से कुलपति दफ्तर में धूल फांक रही है। ऐसे में बीपीएड में शिक्षा सत्र 2024-25 में आधी से ज्यादा सीटों में प्रवेश ही नहीं हुआ। कमोबेश यही हालात एमपीईएस में हैं।
बीयू को नैक में ए प्लस-प्लस का तमगा तो मिल गया हैं, लेकिन बीयू प्रशासन का ध्यान अनुदान से प्राप्त राशि का इस्तेमाल पढ़ाई के बजाय निर्माण कार्यों पर ज्यादा केंद्रित हो गया है। शायद यही वजह है कि बीयू प्रशासन की प्राथमिकता स्पोर्ट्स विभाग में कोच की नियुक्ति न होकर जगह-जगह निर्माण करना है। इसकी वजह से कैंपस के खेल मैदान में जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिसकी वजह से खेलने लायक नहीं है। खिलाड़ी छात्र की आउटडोर खेलों की प्रैक्टिस बंद है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि करीब एक साल पहले स्पोर्ट्स ऑफिसर सूरज पाल सिंह ने कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने विभाग में कोच न होने के चलते खिलाड़ी छात्रों के प्रैक्टिस न कर पाने की समस्या से अवगत कराया था।इसके साथ ही हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन, एथलेटिक्स, योगा, क्रिकेट, खो-खो के कोच तैनात करने की भी मांग की थी। इसपर कुलपति ने मौखिक स्वीकृति देकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। तब से अभी तक कोच तैनात करने की फाइल कुलपति कार्यालय में धूल फांक रही है। ऐसे में मेजर ध्यानचंद शारीरिक शिक्षा संस्थान के बीपीएड (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन) व एमपीईएस (मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन स्पोर्ट्स) में विगत शिक्षा सत्र में काफी सीटें खाली रह गईं।
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