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पाइपों से रिस रहा पानी, मरम्मत के लिए बजट नहीं

Mon, 06 May 2019 12:44 AM IST
jhansi Published by: देवेंद्र कुमार Updated Mon, 06 May 2019 12:44 AM IST
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pipe lekaged and departmert have no money for repair
water problems jhansi - फोटो : amarujala
झांसी। एक ओर शहर के कई इलाके जल संकट से जूझ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर जल संस्थान की क्षतिग्रस्त पाइप लाइन से भारी मात्रा में पानी रोजाना बर्बाद हो रहा है। संकट ये भी है कि जल संस्थान के पास इन लीकेज को दुरुस्त कराने के लिए बजट नहीं है। इसके अलावा श्रमिकों का भी टोटा है। इन हालातों में समस्या लगातार गहराती जा रही है।
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गर्मी बढ़ने के साथ-साथ पानी की मांग बढ़ जाती है। मांग के सापेक्ष पानी की आपूर्ति जल संस्थान के लिए चुनौती बन जाती है। यही हाल इस बार भी देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में जल संकट खड़ा हो गया है। टैंकरों के माध्यम से लोगों की पानी की जरूरतों को पूरा करने की कोशिशें की जा रही हैं। जिन इलाकों में पाइपल लाइनों के जरिये जलापूर्ति की व्यवस्था है, वहां भी स्थिति लड़खड़ाने लगी है। इसमें सरकारी तंत्र की लापरवाही भी सामने आ रही है। इसका अंदाजा जल संस्थान की पाइप लाइनों के लीकेज को देखकर लगाया जा सकता है। टंकियों से पानी छोड़ने के साथ ही लीकेज से पानी रिसना लगता है। जिन स्थानों पर ये लीकेज हैं, वहां सड़क पर गड्ढे हो गए हैं। इससे लोगों को आवागमन में भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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अलीगोल खिड़की, मंडी रोड पर किसान बाजार के सामने, दतिया गेट बाहर, मसीहागंज, कारगिल पार्क, सीपरी बाजार में जैन डेरी वाली गली, वसंत चौराहा, लक्ष्मी गेट बाहर काली मंदिर रोड पर पाइप लाइन लीकेज तो बानगी भर हैं। शहर में कई इलाकों में पाइप लाइन से पानी रिस रहा है।
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इससे भी बड़ी विडंबना ये है कि जल संस्थान के पास अभी इन लीकेजों को दुरुस्त करने का कोई उपाय नहीं है। जल संस्थान के महाप्रबंधक आरएस यादव ने बताया कि उनके पास लीकेज सुधारने के अभी बजट नहीं है। इसके अलावा श्रमिक भी नहीं हैं।
स्थिति ये है कि बीते दिनों नगर निगम में जल संकट को दूर करने के लिए हुए मंथन में जल संस्थान ने जल संकट को दूर करने में सहयोग देने के बजाय हाथ खड़े कर दिए थे। लीकेज के न सुधारे जाने का मुख्य कारण मजदूरों का न होना बताया गया था। साथ ही यह बताया था कि वर्ष 2018 में दिसंबर माह में विभाग को पांच करोड़ रुपये मिले थे। ये धनराशि मंडल के कर्मचारियों के वेतन पर ही खर्च हो गई। अब नगर निगम की ओर से प्रदान किए गए बजट से ही शहर की प्यास बुझाई जा सकेगी।

111 एमएलडी पानी की होती है आपूर्ति
जल निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर में सप्लाई को लेकर किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है। बबीना फिल्टर से शहर की आपूर्ति के लिए 111 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है, पर 90-93 एमएलडी पानी शहर की टंकियों तक पहुंच रहा है। जो कि शहरवासियों की प्यास बुझाने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा 37 एमएलडी की एक लाइन एमईएस क्षेत्र में सप्लाई के लिए है, जिससे आपूर्ति सुचारु रूप से हो रही है।

नाले से निकली लाइन में एक साल से लीकेज
सीपरी बाजार में कालीबाड़ी के सामने नाले से सप्लाई के लिए पाइप लाइन निकली है, जिसमें एक साल से लीकेज है। पार्षद उमेश जोशी ने बताया कि लीकेज के कारण घरों में नाले का गंदा पानी पहुंच रहा है। कई बार बोतलों में गंदा पानी भरकर जल संस्थान के अधिकारियों को दिखाया गया तथा लिखित शिकायत भी की गई पर समस्या आज तक दूर नहीं हुई। लीक लाइन में आज भी नाले का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। वहीं, नालगंज में वैष्णो देवी मंदिर के पास कई महीनों से लीकेज है। कई बार जल संस्थान के अधिकारी पहुंचे पर उसे सुधारने का प्रयास नहीं किया। इस कारण लगभग एक हजार से अधिक परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है। जबकि, कई बार पार्षद से भी शिकायत की जा चुकी है।



कई स्थानों पर लीकेज होने से नलों में प्रेशर बेहद कम आ रहा है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है। बावजूद, ध्यान नहीं दिया गया है।
- विजय,  प्रेमगंज

नाले से निकली लाइन में लीकेज होने से गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। जल संस्थान में कई बार शिकायत की पर लीकेज नहीं सुधारा गया। गंदे पानी से काम चलाने को मजबूर हैं। - पुनीत, प्रेमगंज निवासी
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