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किराएदार घर में, मकान मालिकिन बाहर
ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jan 2016 01:14 AM IST
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झांसी। जिला पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर ने विधवा मकान मालिक का जीना मुहाल कर दिया है। गाली-गलौज, हंगामा व धमकी से भयभीत पीड़िता चार दिन से रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हैं। उसने थाना सीपरी बाजार में शिकायत की, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली है।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राम दुलारी सिंह (48) पत्नी स्व. ज्ञान सिंह ने बताया कि उसका बीकेडी जार पहाड़ में दो मंजिला मकान है, जिसमें वह अपनी बेटी के साथ रहती है। मकान का नीचे का हिस्सा खाली था, जिसे उसने एक परिचित के कहने पर क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर को किराए पर दे दिया।
मकान लेते समय इंस्पेक्टर ने परिवार के साथ रहने का आश्वासन दिया था। 20 जुलाई 2015 से इंस्पेक्टर मकान में रहने लगे। कई माह गुजरने के बाद जब उनके परिवार को कोई सदस्य रहने नहीं आया तो उसने टोक दिया। यह बात इंस्पेक्टर को नागवार गुजरी जिसके चलते उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
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पीड़िता का आरोप है कि विगत चार दिन से इंस्पेक्टर गाली-गलौज करते हुए हंगामा कर रहा है। परेशान होकर उसने सीपरी बाजार थाने में लिखित में शिकायत की। लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई इससे वह भयभीत है। डर की वजह से वह अपने घर पर जाने के बजाए रिश्तेदार के घर पर शरण लिए है।
वहीं, सीपरी बाजार थाना पुलिस का कहना है कि पीड़िता के शिकायती पत्र पर इंस्पेक्टर से संपर्क किया गया था। उन्होंने जल्द मकान खाली करने का आश्वासन दिया है।
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स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत राम दुलारी सिंह (48) पत्नी स्व. ज्ञान सिंह ने बताया कि उसका बीकेडी जार पहाड़ में दो मंजिला मकान है, जिसमें वह अपनी बेटी के साथ रहती है। मकान का नीचे का हिस्सा खाली था, जिसे उसने एक परिचित के कहने पर क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर को किराए पर दे दिया।
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मकान लेते समय इंस्पेक्टर ने परिवार के साथ रहने का आश्वासन दिया था। 20 जुलाई 2015 से इंस्पेक्टर मकान में रहने लगे। कई माह गुजरने के बाद जब उनके परिवार को कोई सदस्य रहने नहीं आया तो उसने टोक दिया। यह बात इंस्पेक्टर को नागवार गुजरी जिसके चलते उसने उसे परेशान करना शुरू कर दिया।
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पीड़िता का आरोप है कि विगत चार दिन से इंस्पेक्टर गाली-गलौज करते हुए हंगामा कर रहा है। परेशान होकर उसने सीपरी बाजार थाने में लिखित में शिकायत की। लेकिन पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई इससे वह भयभीत है। डर की वजह से वह अपने घर पर जाने के बजाए रिश्तेदार के घर पर शरण लिए है।
वहीं, सीपरी बाजार थाना पुलिस का कहना है कि पीड़िता के शिकायती पत्र पर इंस्पेक्टर से संपर्क किया गया था। उन्होंने जल्द मकान खाली करने का आश्वासन दिया है।