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पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट में संदेह तो करें शिकायत
jhansi
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:08 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। यदि आपको किसी भी पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट में संदेह है, तो सीधे मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच पड़ताल कराने के बाद यदि सीएमओ को शिकायत सही मिलती है, तो पैथोलॉजी का तुरंत ही लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
शहर में नर्सिंगहोमों की तरह पैथोलॉजी लैब खुलने की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ये है कई पैथोलॉजी संचालकों के पास प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर संसाधन तक नहीं हैं, बावजूद इसके वह मरीजों की जान से खिलवाड़ करने में लगे हैं। हाल ही में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश ने खुद पैथोलॉजी लैब की गड़बड़ी को पकड़ा है। इससे पैथोलॉजी लैब में चल रहे गड़बड़झाले की पुष्टि हो गई।
सीएमओ ने कहा कि किसी को भी पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट में संदेह है, तो सीधे बीकेडी चौराहे के पास स्थित उनके कार्यालय में आकर शिकायत करे। यदि शिकायत सही मिलती है तो पैथोलॉजी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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बॉक्स..
गीता पैथोलॉजी ने दिया जवाब
बीते 21 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सामने निजी अस्पताल में भर्ती आयुर्वेदिक कॉलेज के डेंगू संभावित छात्र अशोक कुमार को देखने के लिए सीएमओ डॉ. सुशील प्रकाश पहुंचे थे। सीएमओ को अशोक के दोस्त शुभम शर्मा ने दो पैथोलॉजी की सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच रिपोर्ट दिखाई। दोनों की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स में बहुत अधिक अंतर आया। ओम पैथोलॉजी की रिपोर्ट में अशोक की प्लेटलेट्स आठ हजार लिखी गई थीं, जबकि गीता पैथोलॉजी की रिपोर्ट में 81000 प्लेटलेट्स आई थीं। इस प्रकरण की सीएमओ ने जांच बैठा दी थी। जांच कमेटी द्वारा लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश पर पैथोलॉजी से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। पैथोलॉजी ने अपने जवाब में कहा कि मरीज को दी गई रिपोर्ट में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर थे। टीम ने कंप्यूटर से प्रिंट निकलवाया था, इसलिए हस्ताक्षर नहीं हो पाए। सीएमओ ने बताया कि अब प्लेटलेट्स में आए दस गुना अंतर पर दोबारा स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।
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शहर में नर्सिंगहोमों की तरह पैथोलॉजी लैब खुलने की संख्या तेजी से बढ़ी है। हाल ये है कई पैथोलॉजी संचालकों के पास प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर संसाधन तक नहीं हैं, बावजूद इसके वह मरीजों की जान से खिलवाड़ करने में लगे हैं। हाल ही में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील प्रकाश ने खुद पैथोलॉजी लैब की गड़बड़ी को पकड़ा है। इससे पैथोलॉजी लैब में चल रहे गड़बड़झाले की पुष्टि हो गई।
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सीएमओ ने कहा कि किसी को भी पैथोलॉजी की जांच रिपोर्ट में संदेह है, तो सीधे बीकेडी चौराहे के पास स्थित उनके कार्यालय में आकर शिकायत करे। यदि शिकायत सही मिलती है तो पैथोलॉजी का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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गीता पैथोलॉजी ने दिया जवाब
बीते 21 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सामने निजी अस्पताल में भर्ती आयुर्वेदिक कॉलेज के डेंगू संभावित छात्र अशोक कुमार को देखने के लिए सीएमओ डॉ. सुशील प्रकाश पहुंचे थे। सीएमओ को अशोक के दोस्त शुभम शर्मा ने दो पैथोलॉजी की सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच रिपोर्ट दिखाई। दोनों की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स में बहुत अधिक अंतर आया। ओम पैथोलॉजी की रिपोर्ट में अशोक की प्लेटलेट्स आठ हजार लिखी गई थीं, जबकि गीता पैथोलॉजी की रिपोर्ट में 81000 प्लेटलेट्स आई थीं। इस प्रकरण की सीएमओ ने जांच बैठा दी थी। जांच कमेटी द्वारा लाइसेंस निरस्त करने की सिफारिश पर पैथोलॉजी से स्पष्टीकरण तलब किया गया था। पैथोलॉजी ने अपने जवाब में कहा कि मरीज को दी गई रिपोर्ट में पैथोलॉजिस्ट के हस्ताक्षर थे। टीम ने कंप्यूटर से प्रिंट निकलवाया था, इसलिए हस्ताक्षर नहीं हो पाए। सीएमओ ने बताया कि अब प्लेटलेट्स में आए दस गुना अंतर पर दोबारा स्पष्टीकरण जारी किया जाएगा।