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Jhansi News: झांसी में कीटनाशक ने निकाली ताकतवर ककोरा की जान

Tue, 23 Apr 2024 06:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 23 Apr 2024 06:03 AM IST
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Pesticide took the life of mighty Kakora in Jhansi
- मानक से डेढ़ गुना अधिक मिला कीटनाशक, सेहत के लिए बड़ा खतरा
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- खाद्य विभाग ने सब्जी मंडी से नमूना एकत्र कर जांच के लिए लैब भेजा था
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। आयुर्वेद में जिसे सबसे ताकतवर सब्जियों में से एक माना जाता है। जो मीठा करेला के नाम से भी पहचाना जाता है और पोषक तत्वों की खान कहा जाता है, उस ककोरा की ही जान कीटनाशक ने निकाल डाली। खाद्य विभाग द्वारा लिए गए ककोरा के नमूने में मानक से डेढ़ गुना ज्यादा कीटनाशक पाया गया है। ये सेहत के लिए बड़ा खतरा है। क्योंकि, इस तरह की कीटनाशक युक्त सब्जियों के सेवन से लोग अनजाने में ही कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
खेतों में फल और सब्जियों को कीटों से बचाने के लिए डाला जाने वाला अंधाधुंध कीटनाशक लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। कुछ समय पहले खाद्य विभाग ने सब्जी मंडी से तरोई, पालक, ककोरा समेत पांच सब्जियों के नमूने एकत्र करके लखनऊ की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे। इसमें काकोरा का नमूना फेल हो गया है। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार ने बताया कि ककोरा में मानक से डेढ़ गुना अधिक कीटनाशक पाया गया है। अब सब्जी विक्रेता के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि जब भी बाजार से फल और सब्जियों को खरीदकर लाएं तो दो से तीन बार अच्छी तरह से उसे धो लें। इससे अगर किसी सब्जी या फल में कीटनाशक होगा तो साफ जाएगा।
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ककोरा के सेवन के ये मुख्य फायदे ............................................
- मधुमेह नियंत्रण में मददगार
- हाई बीपी के लिए फायदेमंद
- विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट होने से कैंसर से होता बचाव


कीटनाशक से किडनी खराब होने से लेकर कैंसर तक का खतरा
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशयन डॉ. डीएस गुप्ता ने बताया कि सब्जी, फल के जरिए कीटनाशक शरीर में पहुंच जाए तो पेट खराब हो सकता है। किडनी से लेकर फेफड़े तक को नुकसान हो सकता है। दिमाग पर असर के अलावा डिप्रेशन का भी शिकार हो सकते हैं। त्वचा में भी एलर्जी हो सकती है। वहीं, लंबे समय तक कीटनाशक के शरीर में पहुंचने से कैंसर भी हो सकता है।
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खाद्य मसालों के भी 25 फीसदी नमूने फेल
जिले में खाद्य मसालों के भी 25 फीसदी नमूने फेल हुए हैं। जिला अभिहित अधिकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2023-24 में खाद्य मसालों के 35 नमूने जांच के लिए लैब भेज गए। इसमें नौ नमूने मानक पर खरे नहीं मिले हैं। लाल मिर्च पाउडर में रंग मिला, जो नहीं होना चाहिए। हल्दी पाउडर में चावल, आटा की मिलावट पाई गई है।



किसके-कितने नमूने हुए फेल
....................................
मसाला फेल नमूने

हल्दी पाउडर 3

धनिया पाउडर 2

लाल मिर्च पाउडर 1
धनिया साबुत 1
गरम मसाला 1

जीरा साबुत 1
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