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पराली जलाने वाले तीन किसानों पर लगेगा जुर्माना
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झांसी। लगातार जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी जिले में पराली जलाने की घटनाएं हो रही हैं। सेटेलाइट से एक महीने में पराली / कूडा जलाने की 49 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें पराली जलाने की 27 घटनाओं की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन व्यक्तिओं पर जुर्माना लगाया जाएगा, इसके लिए उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया है। यदि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं तो उन्हें लाभ से वंचित कर दिया जाएगा।
तहसीलदार ने बताया कि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर तहसील सदर क्षेत्र के तीन किसान ठाकुरदास पुत्र रामचरन निवासी ग्राम बेहटापालर, सुनील पुत्र कोमल सिंह निवासी जौरी बुजुर्ग और बलवान सिंह पुत्र तिजू बड़ागांव को पराली जलाने का दोषी माना गया है। अब इन्हें तहसील से नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जांच की जा रही है कि यह किसान किसी सरकारी योजना का लाभ तो नहीं ले रहे हैं। यदि लाभ ले रहे हैं और अपात्र हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि किसानों को पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक किया गया था। उन्हें बताया गया था कि पराली को जलाएं नहीं, बल्कि उसे भूसा के रूप में अपने आसपास की किसी गोशाला में पहुंचाकर पराली देकर बदले में गोबर की खाद ले आएं। इससे गायों के चारे की व्यवस्था होगी और गोबर की खाद मिलने से किसानों की उर्वरा शक्ति मजबूत होगी।
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तहसीलदार ने बताया कि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर तहसील सदर क्षेत्र के तीन किसान ठाकुरदास पुत्र रामचरन निवासी ग्राम बेहटापालर, सुनील पुत्र कोमल सिंह निवासी जौरी बुजुर्ग और बलवान सिंह पुत्र तिजू बड़ागांव को पराली जलाने का दोषी माना गया है। अब इन्हें तहसील से नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जांच की जा रही है कि यह किसान किसी सरकारी योजना का लाभ तो नहीं ले रहे हैं। यदि लाभ ले रहे हैं और अपात्र हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि किसानों को पराली नहीं जलाने के प्रति जागरूक किया गया था। उन्हें बताया गया था कि पराली को जलाएं नहीं, बल्कि उसे भूसा के रूप में अपने आसपास की किसी गोशाला में पहुंचाकर पराली देकर बदले में गोबर की खाद ले आएं। इससे गायों के चारे की व्यवस्था होगी और गोबर की खाद मिलने से किसानों की उर्वरा शक्ति मजबूत होगी।
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