फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   People who came from far away did not get treatment, returned disappointed People who came from far away did not get treatment, returned disappointed

दूरदराज से आए लोगों को नहीं मिला इलाज, निराश होकर लौट गए

Fri, 31 Dec 2021 01:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 31 Dec 2021 01:36 AM IST
विज्ञापन
People who came from far away did not get treatment, returned disappointed People who came from far away did not get treatment, returned disappointed
झांसी। दूरदराज से इलाज की आस में पैसे खर्च करके आए मरीजों को मेडिकल कॉलेज में पर्चा काउंटर बंद होने की वजह से बैरंग लौटना पड़ा। सुबह से ही जूनियर डॉक्टरों ने काउंटर बंद करा दिए थे। इस कारण एक भी पर्चा नहीं बन पाया। कई मरीजों को सीनियर डॉक्टरों ने सारे पर्चे पर ही दवाएं लिखीं।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों ने मंगलवार से फिर कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि नीट काउंसलिंग में लगातार देरी हो रही है। इस कारण पहले साल का बैच नहीं आ पाया है। इससे जूनियर डॉक्टरों की संख्या कम हो गई है और सब पर काम का बोझ भी ज्यादा पड़ रहा है। इसलिए उन्होंने फिर से काम ठप कर दिया है। बृहस्पतिवार को जूनियर डॉक्टरों ने पर्चा काउंटर बंद करा दिया। काउंटर के कर्मचारियों पर भी दबाव बनाया कि एक भी पर्चा न बनाया जाए। ऐसे में सभी काउंटर सुबह ही बंद कर दिए गए। कई मरीज काउंटर बंद देख बिना इलाज कराए ही वहां से लौट गए। कुछ मरीज पुराने पर्चे लेकर ओपीडी में बैठे सीनियर डॉक्टरों के पास पहुंच गए तो डॉक्टरों ने सादे पर्चे पर दवाएं लिख दीं।
विज्ञापन

ये बोले मरीज
पैर में काफी दिनों से दर्द है। काउंटर पर आया तो पर्चा नहीं बना। फिर ओपीडी में पहुंच गया। सीनियर डॉक्टरों से विनती की तो पुराने पर्चे पर उन्होंने देख लिया। - प्रवेश पखारिया, चिरंगाव।
विज्ञापन
विज्ञापन

बच्चे को दिखाने मेडिकल कॉलेज आया था। किराया भी खर्च हो गया। पर्चा भी नहीं बन पाया। अब लौटना पड़ रहा है। कल फिर दिखाने के लिए आऊंगा। - देवेंद्र राजपूत, पृथ्वीपुर।
काफी समय से पथरी की समस्या है। इसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। पर्चा नहीं बना तो डॉक्टर ने ओपीडी में पुराने पर्चे पर ही दवाएं लिख दी हैं। - राजेंद्र कुमार, मऊरानीपुर।

जूनियर डॉक्टरों ने जबरन पर्चा काउंटर बंद करा दिए हैं। इससे रोजाना सैकड़ों मरीज बिना इलाज कराए ही लौट रहे हैं। कॉलेज प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था देखनी चाहिए। - क्रांति, मऊरानीपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed