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वीडियो बनाते रहे, घायल एमआर ने तड़प तड़प कर तोड़ा दम
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झांसी के बरुआसागर में ट्रक की टक्कर से घायल हुए एमआर की क्षतिग्रस्त बाइक।
वीडियो बनाते रहे, घायल एमआर ने तड़प तड़प कर तोड़ा दम
बरुआसागर/झांसी। ट्रक की टक्कर लगने के बाद खून से लथपथ शरीर, मदद को तरसती आंखें और वीडियो बनाते लोग। यह संवेदनहीनता की कहानी सोमवार को थाना बरुआसागर क्षेत्र में देखने को मिली। जहां ट्रक की टक्कर से घायल एमआर ने तड़प-तड़प कर सड़क पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तमाशबीन बनी भीड़ पुलिस को सूचना देेने के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रही। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी मदद के लिए लोगों से मिन्नतें करती रही, लेकिन कोई भी मदद को आगे नहीं आया। पुलिस एमआर को चार पहिया वाहन से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला भदोही निवासी सतीश कुमार गौतम (26) एक दवा कंपनी में एमआर थे। वर्तमान मेें वह अकेले थाना नवाबाद स्थित गुमनावारा में रह रहे थे। सोमवार सुबह वह दवाओं का वितरण करने बाइक पर सवार होकर मऊरानीपुर के लिए निकले, अभी वे बरुआसागर स्थित कंपनी बाग के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने उनको टक्कर मार दी। ट्रक के पिछले पहियेे की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर चालक ने ट्रक रोका, लेकिन लोगों को अपनी ओर आता देख वह ट्रक लेकर भागा और कुछ दूरी पर छोड़कर भाग निकला। जब तक खून से लथपथ हालत में एमआर गंभीर रूप से घायल हो चुका था। मौके पर लोगों का हुजूम जमा हो गया। पुलिस को सूचना देने व मदद करने के बजाय लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे। धीरे - धीरे एमआर ने लोगों के सामने ही दम तोड़ दिया। इसी बीच सड़क पर जाम लगा तो किसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस एमआर को उठाने में लग गई। शरीर के कई अंग समेटने में लगी पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी तो उन्होंने लोगों से मदद मांगी, लेेकिन कोई भी आगे नहीं आया। कुछ देर बाद एक चार पहिया वाहन बुलाकर पुलिस उसे मेडिकल कॉलेज लेकर भागी, लेकिन जब तक वह दम तोड़ चुका था।
वीडियो बनाने के बजाय यदि लोग तुरंत पुलिस को सूचना देेते तो शायद सही समय पर घायल एमआर को मेडिकल कॉलेज ले जाकर उसकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मैंने व मेरी टीम ने भरपूर प्रयास किया, लेकिन उसे बचाने में नाकामयाब रहे, जिसका अफसोस हमेशा रहेगा।
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बृजनेश कुमार, थानाध्यक्ष, बरुआसागर
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बरुआसागर/झांसी। ट्रक की टक्कर लगने के बाद खून से लथपथ शरीर, मदद को तरसती आंखें और वीडियो बनाते लोग। यह संवेदनहीनता की कहानी सोमवार को थाना बरुआसागर क्षेत्र में देखने को मिली। जहां ट्रक की टक्कर से घायल एमआर ने तड़प-तड़प कर सड़क पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तमाशबीन बनी भीड़ पुलिस को सूचना देेने के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रही। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस भी मदद के लिए लोगों से मिन्नतें करती रही, लेकिन कोई भी मदद को आगे नहीं आया। पुलिस एमआर को चार पहिया वाहन से मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जिला भदोही निवासी सतीश कुमार गौतम (26) एक दवा कंपनी में एमआर थे। वर्तमान मेें वह अकेले थाना नवाबाद स्थित गुमनावारा में रह रहे थे। सोमवार सुबह वह दवाओं का वितरण करने बाइक पर सवार होकर मऊरानीपुर के लिए निकले, अभी वे बरुआसागर स्थित कंपनी बाग के पास पहुंचे थे, तभी पीछे से आ रहे ट्रक ने उनको टक्कर मार दी। ट्रक के पिछले पहियेे की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनकर चालक ने ट्रक रोका, लेकिन लोगों को अपनी ओर आता देख वह ट्रक लेकर भागा और कुछ दूरी पर छोड़कर भाग निकला। जब तक खून से लथपथ हालत में एमआर गंभीर रूप से घायल हो चुका था। मौके पर लोगों का हुजूम जमा हो गया। पुलिस को सूचना देने व मदद करने के बजाय लोग मोबाइल निकालकर वीडियो बनाने लगे। धीरे - धीरे एमआर ने लोगों के सामने ही दम तोड़ दिया। इसी बीच सड़क पर जाम लगा तो किसी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस एमआर को उठाने में लग गई। शरीर के कई अंग समेटने में लगी पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी तो उन्होंने लोगों से मदद मांगी, लेेकिन कोई भी आगे नहीं आया। कुछ देर बाद एक चार पहिया वाहन बुलाकर पुलिस उसे मेडिकल कॉलेज लेकर भागी, लेकिन जब तक वह दम तोड़ चुका था।
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वीडियो बनाने के बजाय यदि लोग तुरंत पुलिस को सूचना देेते तो शायद सही समय पर घायल एमआर को मेडिकल कॉलेज ले जाकर उसकी जान बचाई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। मैंने व मेरी टीम ने भरपूर प्रयास किया, लेकिन उसे बचाने में नाकामयाब रहे, जिसका अफसोस हमेशा रहेगा।
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बृजनेश कुमार, थानाध्यक्ष, बरुआसागर

झांसी के बरुआसागर में ट्रक की टक्कर से घायल एमआर को मेडिकल कॉलेज लेकर जाती पुलिस।